पटना: बिहार सीएम नीतीश कुमार के बयान 'बेटियों पर नहीं था भरोसा पैदा किए 9-9 बच्चे' पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि नीतीश बाबू के माथे पर हार साफ लिखी है.. इसलिए वो इस प्रकार की व्यक्तिगत बातों पर उतर आए हैं|
बता दें कि नीतीश चुनावी मंच से नीतीश ने लालू के नौ बच्चों को लेकर ऐसा तंज कसा की सभी लोग हैरान रह गए। नीतीश ने हाजीपुर में एक रैली के दौरान कहा कि जो लोग आठ-आठ, नौ-नौ बच्चा पैदा कर रहे हैं वो विकास क्या करेंगे|
बिहार सीएम नीतीश कुमार के बयान 'बेटियों पर नहीं था भरोसा पैदा किए 9-9 बच्चे' पर कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला नीतीश बाबू के माथे पर हार साफ लिखी है। मुख्यमंत्री जी तैश में आ गए हैं अब उनकी जुबान लड़खड़ा गई है इसलिए शायद वो इस प्रकार की व्यक्तिगत बातों पर उतर आए हैं|
गौरतलब है कि,''नीतीश चुनावी मंच से नीतीश ने लालू के नौ बच्चों को लेकर ऐसा तंज कसा की सभी लोग हैरान रह गए। नीतीश ने हाजीपुर में एक रैली के दौरान कहा कि जो लोग आठ-आठ, नौ-नौ बच्चा पैदा कर रहे हैं वो विकास क्या करेंगे|
नीतीश चुनावी मंच से नीतीश ने लालू के नौ बच्चों को लेकर ऐसा तंज कसा की सभी लोग हैरान रह गए। जनता दल यूनाइडेट (जदयू) के प्रत्याशी के समर्थन में वोट मांगने के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ-नौ बच्चे पैदा करने वाले बिहार का विकास करने चले हैं। बेटे की चाह में कई बेटियां हो गईं। मतलब बेटियों पर भरोसा ही नहीं है। इस तरह के लोग बिहार का क्या भला करेंगे।
वहीं बिहार विधानसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने नीतीश कुमार के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि कहीं न कहीं नीतीश कुमार हमारे बहाने नरेंद्र मोदी पर निशाना साध रहे हैं| लालू यादव पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आठ-नौ बच्चे पैदा करने वाले बिहार का विकास करने चले हैं। उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी ने कहा कि नीतीश जी शारीरिक-मानसिक रूप से थक चुके हैं इसलिए वो जो मन करे बोलें।
राजद नेता का कहना है कि हमरे बहाने नीतीश प्रधानमंत्री पर निशाना साध रहे हैं। प्रधानमंत्री जी 6-7 भाई-बहन हैं। तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार के इस बयान से महिलाओं की मर्यादा को ठेंस पहुंची है.... वह लोगों का ध्यान भटकाने के लिए बयान दे रहैं|
तेजस्वी ने कहा कि,''हमारे बहाने नीतीश जी PM जी को निशाना बना रहे हैं,PM जी 6-7 भाई-बहन हैं।हमने पहले भी कहा है कि नीतीश जी थक चुके हैं वो हमें कितना भी गाली दें लेकिन वो बेरोज़गारी,गरीबी पर बात नहीं करना चाहतें।अगर ऐसी बोली वो बोलते हैं तो वो महिलाओं की मर्यादा को ठेस पहुंचा रहें|