नई दिल्ली: देश की आर्थिक स्थिति पर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला| कांग्रेस ने कहा भाजपा की अनर्थनीति देश की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर रही है। भाजपा देश के नागरिकों के पैसे का पुनर्मूल्यांकन नहीं कर रही है; आर्थिक प्रोत्साहन की बजाय कर्ज के लिए प्रोत्साहित कर रही है। भाजपा की मोदीनॉमिक्स देश की इकॉनॉमिक्स पर भारी पड़ रही है।कांग्रेस ने कहा,'' मोदी सरकार में राज्यों को ना उनका जीएसटी कलेक्शन दिया जा रहा है और ना ही पूंजीगत खर्च में अधिक बढ़ोतरी की जा रही है। मोदी सरकार राज्यों को कमजोर करना चाहती है। इसलिए पूंजीगत खर्च में सिर्फ 1.33% की बढ़ोतरी कर राज्यों के साथ मजाक किया जा रहा है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर निशाना साधते हुए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि,'' तथाकथित रूप से वित्त मंत्री के बयान को ध्यान से पढ़ने के बाद, प्रोत्साहन पैकेज, मुझे हिंदी कहावत खोदा पहाड निकला चुहा की याद दिलाता है।
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि,''3 घोषणाओं के गुण: 1- ₹ 10,000 करोड़ का ब्याज Free Festival Advance, जो सरकार के कर्मचारियों के लिए अग्रिम है, अतिरिक्त खर्च नहीं है। यह 10 मासिक किस्तों में वसूला जाएगा। यह समान मासिक किस्तों, यानी ईएमआई पर खरीदारी करने जैसा है|
2 -₹12,000 करोड़, राज्यों को दिया गया अनुदान नहीं बल्कि ऋण है। बड़े राज्यों को मिलाकर ₹7,500 करोड़ मिलेंगे, जो कि 2020-21 के लिए राज्यों द्वारा बजट में ₹9 लाख करोड़ के पूंजीगत खर्च का एक मामूली हिस्सा है। इससे बहुत कम फर्क पड़ेगा...
3-LTC पर 35 लाख केंद्र सरकार के कर्मचारियों को एक कर रियायत की पेशकश, कर पर एक छोटा लाभ हासिल करने के लिए उन्हें अपने खुद के पैसे से दो बार खर्च करने के लिए प्रेरित करने का एक दयनीय प्रयास है|
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि,''अगर हम मान लें कि LTC 6,000 - 36,000 रूपये है, तो एक सरकारी कर्मचारी को A - खुद के पैसे में से 12,000 से 72,000 रूपये खर्च करने चाहिए, B - केवल एक गैर-खाद्य पदार्थ खरीदना चाहिए, C - 12% से अधिक GST वाले सामान अवश्य खरीदने चाहिए, D - GST पंजीकृत दुकान से ही खरीदना चाहिए , E - डिजिटल रूप से भुगतान करना चाहिए, नगद नहीं, F - 31-3-2021 से पहले खरीदना चाहिए, G - GST बिल देना चाहिए|
चिदम्बरम ने कहा कि,''जिन्हें सबसे ज्यादा जरूरत थी, उनको एक बार फिर से निराशा में छोड़ दिया गया। दर्जनों अर्थशास्त्रियों, कांग्रेस व अन्य राजनीतिक दलों की सिफ़ारिश के बाद भी सरकार उनके खातों में नकद हस्तांतरण करने से इनकार करती है| वित्त मंत्री ने 10 दिनों की छुट्टी को प्रोत्साहित करते हुए यह भी कहा कि यह सरकार द्वारा निर्धारित कर के रूप में खर्च किया जाना चाहिए ताकि पैलेट्री कर लाभ प्राप्त किया जा सके|