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23 अगस्त 2026

“....अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे- चंदा मामा बस एक ‘टूर’ के हैं ”: चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: भारत के चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग हुई। चंद्रयान-3 की सफलता के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो प्रमुख एस सोमन…

“....अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे- चंदा मामा बस एक ‘टूर’ के हैं ”: चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री
“....अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे- चंदा मामा बस एक ‘टूर’ के हैं ”: चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद प्रधानमंत्री | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: भारत के चंद्रयान-3 के लैंडर विक्रम की बुधवार शाम 6.04 बजे चंद्रमा की सतह पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग हुई। चंद्रयान-3 की सफलता के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो प्रमुख एस सोमनाथ को फोन कर बधाई दी। इस अवसर पर पीएम मोदी ने भारतीय वैज्ञानिकों के सामर्थ्य पर खुशी जताते हुए इसे भारत के लिए ऐतिहासिक और समृद्ध कदम बताया। 


प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और सामर्थ्‍य का प्रतिबिंब है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से एक्स पर की गई पोस्ट को साझा करते हुए, प्रधानमंत्री ने कहा:“चंद्रयान-3 की सफलता 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं और सामर्थ्‍य का प्रतिबिंब है।

नये क्षितिज और उससे आगे की ओर !

भारत के लिए गर्व का क्षण।”



वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंद्रमा पर चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद पीएम मोदी ने कहा,''जब हम अपनी आंखों के सामने ऐसा इतिहास बनते हुए देखते हैं, तो जीवन धन्य हो जाता है। ऐसी ऐतिहासिक घटनाएं, राष्ट्र जीवन की चिरिंजीव चेतना बन जाती हैं। ये पल अविस्मरणीय है। ये क्षण अभूतपूर्व है। ये क्षण, विकसित भारत के शंखनाद का है। ये क्षण, नए भारत के जयघोष का है। ये क्षण, मुश्किलों के महासागर को पार करने का है। ये क्षण, जीत के चंद्रपथ पर चलने का है। ये क्षण, 140 करोड़ धड़कनों के सामर्थ्य का है। ये क्षण, भारत में नई ऊर्जा, नया विश्वास, नईं चेतना का है। ये क्षण, भारत के उदयीमान भाग्य के आह्वान का है। अमृतकाल की प्रथम प्रभा में सफलता की ये अमृतवर्षा हुई है। हमने धरती पर संकल्प लिया, और चाँद पर उसे साकार किया। और हमारे वैज्ञानिक साथियों ने भी कहा कि India is now on the moon. आज हम अन्तरिक्ष में नए भारत की नई उड़ान के साक्षी बने हैं। 



मैं इस समय ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका में हूँ। लेकिन, हर देशवासी की तरह मेरा मन चंद्रयान महाअभियान पर भी लगा हुआ था। नया इतिहास बनते ही हर भारतीय जश्न में डूब गया है, हर घर में उत्सव शुरू हो गया है। हृदय से मैं भी अपने देशवासियों के साथ, अपने परिवारजनों के साथ उल्लास से जुड़ा हुआ हूँ। मैं टीम चंद्रयान को, इसरो को और देश के सभी वैज्ञानिकों को जी जान से बहुत-बहुत बधाई देता हूँ, जिन्होंने इस पल के लिए वर्षों तक इतना परिश्रम किया है। उत्साह, उमंग, आनंद और भावुकता से भरे इस अद्भुत पल के लिए मैं 140 करोड़ देशवासियों को भी कोटि-कोटि बधाइयाँ देता हूँ!



 मोदी ने कहा,'हमारे वैज्ञानिकों के परिश्रम और प्रतिभा से भारत, चंद्रमा के उस दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचा है, जहां आज तक दुनिया का कोई भी देश नहीं पहुंच सका है। अब आज के बाद से चाँद से जुड़े मिथक बदल जाएंगे, कथानक भी बदल जाएंगे, और नई पीढ़ी के लिए कहावतें भी बदल जाएंगी। भारत में तो हम सभी लोग धरती को माँ कहते हैं और चाँद को मामा बुलाते हैं। कभी कहा जाता था, चंदा मामा बहुत ‘दूर’ के हैं। अब एक दिन वो भी आएगा जब बच्चे कहा करेंगे- चंदा मामा बस एक ‘टूर’ के हैं।


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चंद्रयान महाअभियान की ये उपलब्धि, भारत की उड़ान को चन्द्रमा की कक्षाओं से आगे ले जाएगी। हम हमारे सौरमण्डल की सीमाओं का सामर्थ्य परखेंगे, और मानव के लिए ब्रह्मांड की अनंत संभावनाओं को साकार करने के लिए भी जरुर काम करेंगे। हमने भविष्य के लिए कई बड़े और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किए हैं। जल्द ही, सूर्य के विस्तृत अध्ययन के लिए इसरो ‘आदित्य L-1’ मिशन लॉंच करने जा रहा है। इसके बाद शुक्र भी इसरो के लक्ष्यों में से एक है। गगनयान के जरिए देश अपने पहले human स्पेस फ्लाइट मिशन के लिए भी पूरी तैयारी के साथ जुटा है। भारत बार-बार ये साबित कर रहा कि sky is not the limit.


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पीएम मोदी ने कहा,'साइंस और टेक्नोलॉजी, देश के उज्ज्वल भविष्य का आधार है। इसलिए आज के इस दिन को देश हमेशा-हमेशा के लिए याद रखेगा। यह दिन हम सभी को एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। ये दिन हमें अपने संकल्पों की सिद्धि का रास्ता दिखाएगा। ये दिन, इस बात का प्रतीक है कि हार से सबक लेकर जीत कैसे हासिल की जाती है। एक बार फिर देश के सभी वैज्ञानिकों को बहुत-बहुत बधाई और भविष्य के मिशन के लिए ढेरों शुभकामनाएं! बहुत बहुत धन्यवाद।





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यह रिपोर्ट 23 अगस्त 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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