नई दिल्ली: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,''मैं शहीद परिवार का हूं और मैं जानता हूं कि जब एक युवा अपनी जान देता है तो उसके परिवार पर क्या गुजरती है। लेकिन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में कोई ऐसा नहीं है जो यह समझता हो। हम नहीं चाहते कि हमारी सेना से कोई जवान शहीद हो| हम नहीं चाहते कि इस चीज़ को लापरवाही से लें और सेना राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल की जाए और उसका नुकसान हमारे जवानों, उनके परिवारों को हो|
कांग्रेस सांसद ने कहा,''हमारी सरकार ने चीन के मामले को पूरी तरह से अप्रभावी तरीके से संभाला है। कांग्रेस की विदेश नीति का लक्ष्य था कि चीन और पाकिस्तान को एक नहीं होने देना है जो हमने UPA-2 तक बखूबी किया। आज पाकिस्तान और चीन एक हो गए हैं। यह मामूली बात नहीं है|
राहुल गांधी ने कहा,''इन्होंने (चीन ने) पहला कदम डोकलाम और दूसरा कदम लद्दाख में लिया। मुझे लग रहा है कि यह तैयारी कर रहे हैं। अब सवाल 'अगर' का नहीं बल्कि 'कब' का है। सरकार को हमारी वायु, थल और नौसेना की बात सुननी होगी और सेना का राजनीतिक इस्तेमाल बंद करना होगा|
कांग्रेस सांसद ने कहा,'''चीन हमारा 2000 किमी क्षेत्र ले गया और PM जी कह रहे हैं कि कोई नहीं आया। अगर मैं आपके घर में घुस गया और आप कहें कि कोई नहीं घुसा तो इससे क्या संदेश जाएगा? सरकार इस पर भ्रमित हैं। जब हम सरकार पर बात करते हैं तो वह आर्मी के पीछे छिप जाते हैं। सरकार और आर्मी में फर्क है|