नई दिल्ली: देश के 13 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को नए राज्यपाल मिल गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 13 राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्तियां की है| वहीं, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी और लद्दाख के उपराज्यपाल राधाकृष्णनन माथुर का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है| इन दोनों ही राज्यों में नए राज्यपाल की नियुक्ति कर दी है| राजस्थान से भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद्र कटारिया को असम का राज्यपाल नियुक्त किया है|
न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) एस अब्दुल नज़ीर को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया। आंध्र प्रदेश के राज्यपाल बिस्वा भूषण हरिचंदन को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल नियुक्त किया गया। छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके को मणिपुर का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
मणिपुर के राज्यपाल ला गणेशन को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार के राज्यपाल फागू चौहान को मेघालय का राज्यपाल नियुक्त किया गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया।
रमेश बैस महाराष्ट्र के नए राज्यपाल बनाए
झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस महाराष्ट्र के नए राज्यपाल बनाए गए हैं। राष्ट्रपति ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में भगत सिंह कोश्यारी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
गुलाब चंद कटारिया बने असम के राज्यपाल
लेफ्टिनेंट जनरल कैवल्य त्रिविक्रम परनाइक को अरुणाचल प्रदेश का राज्यपाल, लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को सिक्किम का राज्यपाल, सीपी राधाकृष्णन को झारखंड का राज्यपाल, गुलाब चंद कटारिया को असम का राज्यपाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री शिव प्रताप शुक्ला को हिमाचल प्रदेश का राज्यपाल नियुक्त किया गया है।
बीडी मिश्रा बने लद्दाख LG
राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में राधा कृष्णन माथुर का इस्तीफा स्वीकार किया। अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल ब्रिगेडियर (डॉ.) बीडी मिश्रा (सेवानिवृत्त) को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया।
एस अब्दुल नजीर बने आंध्र प्रदेश के राज्यपाल
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर को आंध्र प्रदेश के राज्यपाल के रूप में नियुक्त किया गया है। बता दें कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच का हिस्सा रहे जस्टिस एस अब्दुल नजीर पिछले महीने चार जनवरी को रिटायर हो गए थे। रिटायर होने से पहले जस्टिस नजीर के नेतृत्व वाली संविधान पीठ ने नोटबंदी को सही ठहराते हुए बरकरार रखा था। इसके अलावा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों के स्वतंत्र भाषण अधिकार पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने से इनकार कर दिया था।
पार्टी ने जो भी ज़िम्मेदारी दी है मैंने उसे मेहनत और क्षमता के साथ किया है: गुलाब चंद कटारिया
असम का राज्यपाल बनाए जाने पर गुलाब चंद कटारिया ने कहा,'पार्टी ने मुझे जब भी जो ज़िम्मेदारी दी है मैंने उसे मेहनत और क्षमता के साथ किया है। मुझे पार्टी ने 11 बार टिकट देकर चुनाव लड़ने का मौका दिया। मुझे इस लायक समझा गया है तो मैं बिल्कुल उस पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा| अपने पद को मांगने के लिए मैं कभी किसी के पास नहीं गया उन्होंने खुद मुझे वह दिया। जब मुझे नेता प्रतिपक्ष बनाया गया था तब भी मुझे इसकी जानकारी नहीं थी। हमारी पार्टी एक कार्यकर्ताओं की पार्टी है और एक कार्यकर्ता के रूप में काम करूंगा|