मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

जिनके ऊपर देश बचाने की जिम्मेदारी थी वे सिर्फ अपना चेहरा चमकाते रहे: प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार, पूछे कई सवाल

नई दिल्ली: कोरोना वायरस से संबंधित मामलों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी केंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं| कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता, ब्लैक फंगस के इंजेक…

जिनके ऊपर देश बचाने की जिम्मेदारी थी वे सिर्फ अपना चेहरा चमकाते रहे: प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार, पूछे कई सवाल
जिनके ऊपर देश बचाने की जिम्मेदारी थी वे सिर्फ अपना चेहरा चमकाते रहे: प्रियंका गांधी का पीएम मोदी पर तीखा वार, पूछे कई सवाल | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली:  कोरोना वायरस से संबंधित मामलों को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी केंद्र मोदी की सरकार के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अख्तियार किए हुए हैं| कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता, ब्लैक फंगस के इंजेक्शन की कमी हो या ऑक्सीजन मामला, कांग्रेस महासचिव व उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी लगातार हमला बोल रही है| इसकी तहत प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार के खिलाफ 'जिम्मेदार कौन' अभियान चल रखा है। आज फिर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 'जिम्मेदार कौन' अभियान के तहत कोरोना की दूसरी लहर में अस्पतालों में बेड की कमी पर केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे हैं|



प्रियंका गांधी ने कहा, अस्पतालों में बेड का संकट,'जिनके ऊपर देश बचाने की जिम्मेदारी थी वे सिर्फ अपना चेहरा चमकाते रहे। जिम्मेदार कौन? प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस समय प्रधानमंत्री जी कोरोना से युद्ध जीत लेने की घोषणा कर रहे थे उसी समय देश में ऑक्सीजन, आईसीयू, वेंटिलेटर व बेड की संख्या कम की जा रही थी| लेकिन झूठे प्रचार में लिप्त सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया|




कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा, ''पिछले महीने भारतीय संगीत को बुलंदियों पर पहुंचाने वाले पंडित राजन मिश्रा का दिल्ली में वेंटीलेटर बेड न मिलने की वजह से निधन हो गया। इस घटना ने देश को झकझोर कर रख दिया। सबने इस घटना को सरकारी लापरवाही और व्यवस्था की नाकामी के रूप में देखा।



प्रियंका गांधी ने कहा,'अप्रैल 2021 में भारत में कोरोना के लगभग 66 लाख मामले आये। लोग अस्पतालों के सामने, अधिकारियों के दफ़्तरों के सामने, सोशल मीडिया पर एक-एक बेड की गुहार लगा रहे थे।



 उन्होंने कहा कि,''कोरोना विजय की घोषणा कर चुकी सरकार इस मौके पर इतना भी नहीं कर पाई कि आरोग्य सेतु या किसी अन्य डाटाबेस पर सभी अस्पतालों में बेड की उपलब्धता का डाटा ही अपडेट कर दे, ताकि बेड के लिए इधर-उधर धक्के खा रहे लोगों को कुछ सहूलियत मिल सकती। 



 उन्होंने कहा कि,''लोग सरकार के सामने बेबस थे। कितनों ने अस्पताल के बाहर ही दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक मंजर के पीछे सरकार की लापरवाही एवं दिशाहीनता की एक पूरी गाथा है।



प्रियंका गांधी ने कहा,''2021 की शुरुआत में प्रधानमंत्री जी अपने बड़बोले, प्रचारमयी अंदाज में बार-बार कोरोना की जंग जीतने का एलान राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर करते रहे।



 उन्होंने कहा कि,''हिंदुस्तान ये कभी नहीं भूलेगा कि यही वो समय था जब कोरोना के लिए अलॉटेड बेडों की संख्या मोदी सरकार द्वारा कम की गई। ऑक्सीजन बेड, आईसीयू एवं वेंटीलेटर बेड घटाए गए।



प्रियंका गांधी ने कहा,'''मोदी जी ने 2014 में सत्ता में आते ही केंद्र सरकार के स्वास्थ्य बजट में 20% की कटौती कर दी थी। पिछले साल स्वास्थ्य मामलों की संसद की स्थाई समिति ने कोरोना की भयावहता का जिक्र करते हुए अस्पताल के बेडों, ऑक्सीजन आदि की उपलब्धता पर विशेष फोकस करने की बात कही थी। मगर सरकार का ध्यान कहीं और था।




क्या आपको मालूम है?

● सितम्बर 2020 में भारत में 24,7972 ऑक्सीजन बेड थे, जो 28 जनवरी 2021 तक 36% घटकर 15,7344 रह गए। इसी दौरान आईसीयू बेड 66638 से 46% घटकर 36,008 और वेंटीलेटर बेड 33,024 से 28% घटकर 23,618 रह गए।

● अपने पहले कार्यकाल में प्रधानमन्त्री मोदी जी ने हर जिले की मेडिकल सुविधा को अपग्रेड करने की घोषणा की थी। मगर 2021 तक देश के 718 जिलों में से मात्र 75 जिलों में इस पर काम शुरू हुआ है और अब संसद में बता दिया गया है कि इस योजना में आगे कोई काम नहीं होगा।

● 2014 में भाजपा सरकार ने 15 एम्स बनाने की घोषणा की थी। इसमें से एक भी एम्स आज सक्रिय अस्पताल के रूप में काम नहीं कर रहा है। 2018 से ही संसद की स्थाई समिति ने एम्स अस्पतालों में शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों की कमी की बात सरकार के सामने रखी है, लेकिन सरकार ने उसे अनसुना कर दिया।

● जुलाई 2020 में गृह मंत्री श्री अमित शाह ने की ITBP के एक अस्थायी मेडिकल सेंटर का उद्घाटन किया था जिसमें 10,000 बेड्स की व्यवस्था थी। 27 फरवरी 2021 में ये सेंटर बंद हो गया। दूसरी लहर के दौरान इसे फिर से शुरू किया गया मगर सिर्फ़ 2000 बेड की व्यवस्था के साथ।




अब, देश की जनता मोदी जी से कुछ प्रश्न पूछ रही है 

मोदी सरकार के पास तैयारी के लिए एक साल था। आखिर क्यों केंद्र सरकार ने ये समय “हम कोरोना से युद्ध जीत गए हैं” जैसी झूठी बयानबाजी में गुजार दिया और बेडों की संख्या बढ़ाने के बजाय बेडों की संख्या कम होने दी?

मोदी सरकार ने विशेषज्ञों और स्वास्थ्य मामलों की संसद की स्थाई समिति की चेतावनी को नकारते भारत के हर ज़िले में उन्नत स्वास्थ सुविधाओं को उपलब्ध करने का कार्य क्यों नहीं किया?

2014 से आज तक, एक भी AIIMS सक्रिय नहीं हुआ मगर मोदी जी का राजनिवास और सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को “अनिवार्य सेवा” का दर्जा देकर केंद्र की पूरी ताक़त और पैसा झोंकते हुए क्यों तैयार किया जा रहा है? क्या प्रधानमंत्री निवास और नई संसद का निर्माण देश के करोड़ों लोगों की स्वास्थ सुविधाओं से ज्यादा “अनिवार्य” है?






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 5 जून 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 24 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।