नई दिल्ली: भारत में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने लगी है। देश में कई जगहों से वैक्सीन की किल्लत, ऑक्सीजन और बेड्स कमी की शिकायतें आ रही हैं। ऑक्सीजन की कमी के चलते मौतों होने की खबर सामने आ रही है| देश में चरमरा रही स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''ये समय संवेदना का है तो पीएम साहब रैलियों में जोक मार कर हंस रहे हैं। आपने ऑक्सीजन, वैक्सीन, दवाइयों जैसी जितनी जीवन रक्षक चीजें थीं सबका निर्यात कर दिया और अब भारत में कमी हो गई। ये नीति थी आपकी?
प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि,''सुबह - सुबह सीएम और उनके अधिकारी बोलते हैं कि ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।दोपहर आते -.आते अस्पतालों में नोटिस लग जाता है कि मरीज ले जाइए ऑक्सीजन नहीं है। लखनऊ, वाराणसी कई जगह ऑक्सीजन की कमी है। देखिए लखनऊ के मेयो अस्पताल के मरीज कैसे चीख रहे हैं। क्या सब जिम्मेदार लोग आंख मूंद के बैठे हैं?
कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''भारत प्रतिदिन 7500 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन करता है। हम दुनिया के सबसे बड़े ऑक्सीजन उत्पादक देशों में से एक हैं। मगर आज ऑक्सीजन की कमी इसलिए हो रही है क्योंकि सरकार इसको ट्रांसपोर्ट के करने पर्याप्त साधन नहीं बना पाई। सरकार फेल हो गई। जब पता था कि कोरोना की दूसरी लहर आनी तय है तो इसकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई। पर्याप्त समय था सरकार के पास। अभी भी समय है। भगवान के लिए नरेंद्र मोदी जी अब ये कीजिए। सरकार के सभी साधनों का इस्तेमाल कर जहां भी ऑक्सीजन की कमी है वहां भेजा जाए।लोगों की जान जा रही है। हर एक जीवन अमूल्य है।
कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''आज देशभर से रिपोर्ट आ रही हैं कि बेड, ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, वेंटिलेटर की कमी है। पहली वेव और दूसरी वेव के बीच हमारे पास तैयारी करने के कई महीने थे। भारत की ऑक्सीजन प्रोडक्शन कैपेसिटी दुनिया में सबसे बड़ी है, ऑक्सीजन को ट्रांसपोर्ट करने की सुविधा नहीं बनाई गई
कांग्रेस महासिचव प्रियंका गांधी ने कहा कि,''कितनी बड़ी त्रासदी है कि देश में ऑक्सीजन उपलब्ध है लेकिन जहां पहुंचना चाहिए वहां पहुंच नहीं पा रहा है। पिछले 6 महीने में 1.1 मिलियन रेमडेसिविर इंजेक्शन का निर्यात हुआ है और आज हमारे पास इंजेक्शन की कमी है| प्रियंका गांधी ने कहा कि जनवरी-फरवरी में 6 करोड़ टीके को निर्यात करने की क्या जरूरत थी। उस वक्त तो सिर्फ 3 से 4 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन हुआ था। आखिरी भारतीयों को प्राथमिकता क्यों नहीं दी गई।
प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' सरकार पर वैक्सीन की कमी के लिए ठोस रणनीति नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रेमडिसिवर इंजेक्शन की कमी क्यों हो गई। प्रियंका ने मोदी सरकार से सवाल किया कि दुनिया में ऑक्सीजन उत्पादन करने में भारत सबसे ऊपर है, फिर भी यहां पर ऑक्सीजन की कमी हो जा रही है। आपके पास 7 से 8 महीने का वक्त था, जानकारों ने दूसरी लहर के बारे में सचेत भी किया था, लेकिन आपने इस पर ध्यान देना उचित नहीं समझा।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की उदासीनता की वजह से कोरोना संक्रमण का फैलाव तेजी से हो रहा है। प्रियंका गांधी ने कहा कि देश इस समय महामारी से जूझ रहा है। यह राजनीति करने का वक्त नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएम को जो सुझाव दिया है उस पर काम करने की जरूरत है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि यह कितना दुखद है कि देश में ऑक्सीजन की उपलब्धता होते हुए भी केवल 2000 ट्रक ही ऑक्सीजन का परिवहन कर सकते हैं। आज जिस जगह ऑक्सीजन की आवश्यकता है वहां पर नहीं पहुंच पा रही है। प्रियंका गांधी ने कहा कि,'' यह वक्त तूं-तूं मैं-मैं करने की जरूरत नहीं है। इस महामारी ने किसी को नहीं छोड़ा.. लेकिन यह रैली और प्रचार करने में जुटे हुए हैं। सभी राजनीतिक पार्टियां सरकार के साथ है, लोकतंत्र में चर्चा बहुत जरूरी है। लेकिन महामारी पर विपक्ष से बात करने को तैयार नहीं है। यह सरकार दुबई में आईएसआई से बात कर रही है । ऐसे में नाराजगी तो स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि,''हर जगह से ऐसी रिपोर्ट आ रही हैं कि समझ में ही नहीं आ रहा कि ये सरकार क्या कर रही है? शमशान घाटों पर इतनी भीड़ लगी है, लोग कूपन लेकर खड़े हैं। हम इस स्थिति में सोच रहे हैं कि हम क्या करें। जो सरकार को करना चाहिए था, वो सरकार नहीं कर रही है|
प्रियंका गांधी ने कहा कि,''मैं सकारात्मक तरीके से कह रही हूं कि भगवान के लिए सरकार कुछ करे। उनके पास जितने संसाधन हैं उन्हें वो कोरोना की लड़ाई में लगाएं। अगर केंद्र सरकार अपना मन बनाए तो अभी भी ऑक्सीजन की सुविधा बनाई जा सकती है| उन्होंने कहा कि,'''ये सरकार दुबई में ISI से बात कर सकती है, विपक्ष के नेताओं से बात नहीं कर सकती? मैं नहीं मानती कि आज विपक्ष का एक भी नेता ऐसा है जो इन्हें पाॅजिटिव और रचनात्मक तरीके से सुझाव नहीं दे रहा है|
भारत का ऑक्सीजन निर्यात
2019-20: 4502 मीट्रिक टन
2020-21: 9300 मीट्रिक टन
हमारे यहाँ ऑक्सीजन की कमी नहीं थी। हम ऑक्सीजन के सबसे बड़े उत्पादक हैं। लेकिन सरकार ने कोरोना का खतरा होते हुए भी दोगुना ऑक्सीजन देश के बाहर भेज दी।
ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों का जिम्मेदार कौन है?: प्रियंका गांधी