नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने 'देशवासियों के नाम संदेश' में कहा कि,“देश में चारो तरफ निराशा का माहौल है। कुछ ‘विभाजनकारी ताकतें' हमारे देश की विविधता को हमारे देशवासियों के खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं, लेकिन ‘नफरत की राजनीति' की अपनी सीमायें हैं और यह ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली है| सांसद राहुल गांधी ने यह टिप्पणी उस पत्र में की है, जो कांग्रेस अपने ‘हाथ से हाथ जोड़ो अभियान' के तहत राहुल गांधी के संदेश के तौर पर लोगों के बीच बांटेगी|
गौरतलब हैं कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई ‘भारत जोड़ो यात्रा’ जम्मू कश्मीर पहुंचकर समाप्त होगी। यह दक्षिण में कन्याकुमारी से उत्तर में कश्मीर तक 3,750 किमी का सफर पूरा करेगी। कांग्रेस 26 जनवरी से 26 मार्च तक "हाथ से हाथ जोड़ो अभियान" चलाएगी। इस अभियान में करीब 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 6 लाख गांवों और 10 लाख से ज्यादा मतदान केंद्रों तक जाएंगी। हर राज्य की राजधानी में महिला यात्रा व पदयात्राएं होंगी। कांग्रेस कार्यकर्ता देश के हर परिवार को राहुल गांधी जी का 'संदेश पत्र' और मोदी सरकार की विफलताओं की 'चार्जशीट' सौंपेंगे।
देशवासियों के नाम Rahul Gandhi का संदेश
देशवासियों के नाम इस संदेश में राहुल गांधी ने लिखा, ‘‘मैं ये पत्र आपको 3500 किलोमीटर की ऐतिहासिक भारत जोड़ो यात्रा पूरी करने के बाद लिख रहा हूँ। । कन्याकुमारी से कश्मीर तक की इस पदयात्रा में हमारे साथ करोड़ों भारतीयों ने हिस्सा लिया। यह मेरे जीवन की सबसे महत्त्वपूर्ण यात्रा थी, और इस यात्रा के दौरान आप सभी ने जो प्यार और स्नेह मुझे दिया उससे मैं अभिभूत हूँ।
श्री गांधी ने कहा ‘‘इस यात्रा के दौरान मैंने आप सब के विचारों और आपकी परेशानियों को बहुत ही ध्यान से सुना । उन्होंने कहा ‘‘आज भारत गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है, युवा बेरोजगार हैं, मंहगाई आसमान छू रही है, किसान कर्ज के बोझ तले दबा है, और देश की सारी संपत्ति चंद उद्योगपतियों के क जे में है। आज भारत में लोगों को उनकी नौकरी जाने का डर है, उनकी आय कम होती जा रही है, और बेहतर भविष्य का उनका सपना टूटता जा रहा है। देश में चारो तरफ निराशा का माहौल है।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा ‘‘आज हमारी विविधता भी खतरे में है। कुछ विभाजनकारी ताकतें हमारी विविधता को हमारे ही खिलाफ इस्तेमाल कर रही हैं। एक धर्म को दूसरे धर्म से, एक जाति को दूसरी जाति से, एक भाषा को दूसरी भाषा से, और एक राज्य को दूसरे राज्य से लड़ाया जा रहा है। ये विभाजनकारी ताकतें जानती हैं कि लोगों के दिलों में असुरक्षा और डर पैदा करके ही वो समाज में नफ़रत के बीज बो सकते हैं। लेकिन इस यात्रा के बाद मुझे पूरा विश्वास हो गया है कि नफ़रत की राजनीति की अपनी सीमायें हैं और यह ज्यादा दिन तक नहीं चल सकती।
उन्होंने कहा ‘‘मैं सड़क से लेकर संसद तक प्रति दिन इन बुराइयों के खिलाफ़ लडूंगा। मैं एक ऐसा भारत बनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हूँ जहाँ हर एक भारतीय के पास सामाजिक खुशहाली के साथ-साथ आर्थिक समृद्धि के समान अवसर हो, जहाँ किसानों को उनकी फसल का सही दाम मिले, युवाओं को रोजगार मिले, छोटे और मध्यम वर्ग के उद्योगों को प्रोत्साहन मिले, डीज़ल - पेट्रोल सस्ता हो, रुपया डॉलर के सामने मजबूत हो, और गैस सिलिंडर की कीमत 500 रुपये से अधिक न हो ।
श्री गांधी ने कहा ‘‘आज हर भारतीय ये महसूस कर रहा है कि आपसी नफ़रत और झगड़े हमारे देश के विकास में बाधक हैं। मुझे इस बात का पूरा विश्वास है कि हम सब समाज में बुराई पैदा करने वाले जाति, धर्म, क्षेत्र, और भाषा के मतभेदों से ऊपर उठेंगे। हमारी महानता 'विविधता में एकता' की हमारी पहचान है । मेरा आप सभी को यही सन्देश है - डरो मत! अपने दिल से डर को निकाल दो, नफ़रत अपने आप हमारे समाज से ख़त्म हो जाएगी।
उन्होंने कहा ‘‘इस यात्रा ने मुझे आप सब के हक़ में लड़ने के लिए एक नई ताकत दी है। ये यात्रा मेरे लिए एक तपस्या थी। इस यात्रा ने मुझे सिखाया है कि मेरे व्यक्तिगत और राजनैतिक जीवन का लक्ष्य एक ही है- हक़ की लड़ाई में कमजोरों की ढाल बनना, जिनकी आवाज दबाई जा रही है उनकी आवाज उठाना। मेरा सपना हमारे देश को अँधेरे से उजाले की ओर, नफ़रत से मोहब्बत की ओर, और निराशा से आशा की ओर ले जाना है। और इस लक्ष्य को पाने के लिए मैं भारत को एक महान संविधान देने वाले हमारे महपुरुषों के बताये हुए सिद्धांतों और मूल्यों को अपना आदर्श बनाकर आगे बढूंगा।
श्री गांधी ने कहा ‘‘कांग्रेस परिवार पिछले 137 सालों से भारत के प्रगति के लिए समर्पित है - चाहे आज़ादी की लड़ाई हो, आज़ादी के बाद देश को एक सूत्र में पिरोना हो, या फिर आज़ाद देश को सामाजिक, आर्थिक, और वैज्ञानिक ऊंचाईयों पर ले जाना हो। कांग्रेस ने हर मुश्किल समय में भारत को जोड़ने का काम किया है। आज फिर भारत एक मुश्किल दौर से गुजर रहा है। हमने एकता और भाईचारे का सन्देश घर घर तक ले जाने के लिए हाथ से हाथ जोड़ो अभियान की शुरुआत की है।
राहुल गांधी ने कहा ‘‘आप सब इस अभियान का हिस्सा बनें और कांग्रेस के हाथ से हाथ जोड़कर एक ऐसे स्वर्णिम भारत के निर्माण में हमारा साथ दें जहाँ हर भारतीय के पास सपने देखने और उन्हें पूरा करने के समान अवसर हों।