जयपुर: राजस्थान में महीने भर से चल रहे राजनीतिक सियासत खत्म होने के आसार नजर आ रहे हैं।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से सचिन पायलट ने सोमवार को मुलाकात की | कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी से मुलाकात के बाद राजस्थान पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट ने कहा, मुझे खुशी है की कांग्रेस अध्यक्षा और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विस्तार से चर्चा की।साथी विधायकों की बातों को हमने सामने रखा| ये सैद्धांतिक मुद्दे थे|
पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट ने कहा,पार्टी पद देती है तो पार्टी पद ले भी सकती है। मुझे पद की बहुत लालसा नहीं है लेकिन मैं चाहता था कि जो मान-सम्मान-स्वाभिमान की बात हम करते थे वो बनी रहे। हमने हमेशा कोशिश की है कि जिनकी मेहनत से सरकार निर्माण हुआ है उन लोगों की हिस्सेदारी, भागेदारी सुनिश्चित की जाए
सचिन पायलट ने कहा,''पिछले कुछ समय से कुछ विधायक दिल्ली में थे, कुछ ऐसे मुद्दे थे जिन पर हम प्रकाश डालना चाहते थे। मैंने वह किया। मैं शुरू से कह रहा हूं कि ये सभी चीजें सिद्धांत पर आधारित थीं। मैंने हमेशा सोचा कि पार्टी के हित में इन चीजों को उठाया जाना आवश्यक है| पायलट ने कहा,कई बातें कही गईं, मैंने बहुत सी बातें सुनीं। जो कुछ कहा गया उससे मैं हैरान था। मुझे लगता है कि हमें हमेशा संयम और विनम्रता बनाए रखना चाहिए। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष के लिए कोई जगह नहीं है। हमने 5 साल की कड़ी मेहनत के बाद राजस्थान में सरकार बनाई थी
सचिन पायलट ने कहा,मुझे खुशी है की कांग्रेस अध्यक्षा और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने विस्तार से चर्चा की। साथी विधायकों की बातों को हमने सामने रखा। मुझे आश्वासित किया गया है कि तीन सदस्यीय की कमेटी जल्द इन तमाम मुद्दों का समाधान करेगी। ये सैद्धांतिक मुद्दे थे| पायलट ने कहा,सोनिया गांधी जी ने हमारी सभी चिंताओं और शासन के मुद्दों को सुना जो हमने उठाए। कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा 3 सदस्यीय समिति का गठन एक स्वागत योग्य कदम है। मुझे लगता है कि सचिन पायलट, कांग्रेस कहते हैं कि सभी मुद्दों को हल किया जाएगा
पायलट ने कहा, पार्टी हमें पद देती है और वापस भी ले सकती है। मुझे किसी पद की कोई इच्छा नहीं है लेकिन मैं चाहता था कि हमारा स्वाभिमान बरकरार रहे। मैंने अब 18-20 साल के लिए पार्टी में योगदान दिया है। हमने हमेशा उन लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया है जिन्होंने सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है।