नई दिल्ली: मोदी सरकार के तीन कृषि क़ानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन के नेताओं और केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों के बीच सोमवार दोपहर को हुई सातवें दौर की वार्ता बेनतीजा ख़त्म हो गई है| अब दोनों पक्षों के बीच अगली बातचीत 8 जनवरी को होगी| मोदी सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलवे, वाणिज्य और खाद्य मंत्री पीयूष गोयल और वाणिज्य राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने दिल्ली के विज्ञान भवन में 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से बातचीत की|
किसान नेताओं से बातचीत के बाद कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''हम चाहते थे कि किसान यूनियनें तीन कानूनों पर चर्चा करें| हम किसी भी समाधान तक नहीं पहुंच सके क्योंकि किसान यूनियन कानूनों को निरस्त करने पर अड़े रहे| आज की चर्चा को देखते हुए, मुझे आशा है कि हमारी अगली बैठक के दौरान हम एक सार्थक चर्चा करेंगे और हम एक निष्कर्ष पर पहुंचेंगे|
तोमर ने कहा,चर्चा का माहौल अच्छा था परन्तु किसान नेताओं के कृषि क़ानूनों की वापसी पर अड़े रहने के कारण कोई रास्ता नहीं बन पाया। 8 तारीख को अगली बैठक होगी। किसानों का भरोसा सरकार पर है इसलिए अगली बैठक तय हुई है| तोमर ने कहा,''चर्चा जिस हिसाब से चल रही है, किसानों की मान्यता है कि सरकार इसका रास्ता ढूंढे और आंदोलन समाप्त करने का मौका दे|
किसान आंदोलन पर कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा,''सरकार देशभर के किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है। सरकार जो भी निर्णय करेगी, सारे देश को ध्यान में रखकर ही करेगी|हम चाहते हैं कि किसान यूनियन की तरफ से वो विषय आए जिस विषय में किसान को कोई परेशानी होने वाली है, उस विषय पर सरकार खुले मन से विचार करने को तैयार है|
किसानों के साथ MSP पर बात हुई लेकिन निर्णय नहीं निकला| अगली वार्ता 8 जनवरी को होगी...अगली बैठक में समाधान निकलने की उम्मीद|किसानों का सरकार पर भरोसा है|कुल मिलाकर चर्चा ठीक वातावरण में हुई; सरकार के मन में किसानों के लिए संवेदना है; सारे देश को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय करेगी सरकार| किसानों के समग्र हित को ध्यान में रखकर क़ानून बनाया; ऐसे मसलों पर कई दौर की बातचीत होती है; रास्ता निकलने के लिए दोनों ओर से ताली बजती है: नरेंद्र सिंह तोमर