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26 अगस्त 2026

कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं' : मोदी सरकार से बातचीत के बाद बोले किसान नेता

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार औऱ किसान नेताओं के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही| आज केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच सातवें दौर की वार्ता समाप्त…

कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं' : मोदी सरकार से बातचीत के बाद बोले किसान नेता
कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं' : मोदी सरकार से बातचीत के बाद बोले किसान नेता | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: कृषि कानूनों के महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार औऱ किसान नेताओं के बीच सोमवार को हुई सातवें दौर की बातचीत बेनतीजा रही| आज केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच सातवें दौर की वार्ता समाप्त हो गई है| अब दोनों पक्षों के बीच अगली बातचीत 8 जनवरी को होगी| केंद्र सरकार से बातचीत के बाद किसान संगठनों ने कहा,'कानून रद्द करने और एमएसपी पर आज चर्चा हुई। कानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं।


सरकार के साथ किसान नेताओं की मुलाकात के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि,'' किसान नेता राकेश टिकै 8 तारीख (8 जनवरी 2021) को सरकार के साथ फिर से मुलाकात होगी। तीनों कृषि क़ानूनों को वापिस लेने पर और MSP दोनों मुद्दों पर 8 तारीख को फिर से बात होगी। हमने बता दिया है क़ानून वापसी नहीं तो घर वापसी नहीं|



केंद्र सरकार से बातचीत के बाद किसान नेता ने कहा कि,'' हमने बताया कि पहले कृषि क़ानूनों को वापिस किया जाए, MSP पर बात बाद में करेंगे। 8 तारीख तक का समय सरकार ने मांगा है। उन्होंने कहा कि 8 तारीख को हम सोचकर आएंगे कि ये क़ानून वापिस हम कैसे कर सकते हैं, इसकी प्रक्रिया क्या हो|




सरकार के साथ मुलाकात के बाद किसान नेता दर्शन पाल ने कहा कि सरकार को यह बात समझ आ गई है कि किसान संगठन कृषि क़ानूनों को रद्द किए बिना कोई बात नहीं करना चाहते हैं। हमसे पूछा गया कि क्या आप क़ानून को रद्द किए बिना नहीं मानेंगे, हमने कहा हम नहीं मानेंगे।


भारतीय किसान यूनियन के युधवीर सिंह ने कहा कि,'' मंत्री चाहते थे कि हम कानून-वार चर्चा करें। हमने इसे खारिज कर दिया और कहा कि कानूनों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि हम कानूनों का पूरा रोलबैक चाहते हैं। सरकार हमें संशोधन की ओर ले जाने का इरादा रखती है लेकिन हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे|



अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव हन्नान मोल्लाह ने कहा कि सरकार काफी दबाव में है। हम सभी ने कहा कि यह हमारी मांग है (कानूनों को निरस्त करना)। हम कानूनों को निरस्त करने के अलावा किसी अन्य विषय पर चर्चा नहीं चाहते हैं। कानूनों को निरस्त करने तक विरोध वापस नहीं लिया जाएगा।  



कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने बताया कि आज हम किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सके। बैठक का माहौल अच्छा था लेकिन किसान संगठनों के कानून रद्द कराने की मांग पर अड़े रहने के कारण कोई हल नहीं निकला। लेकिन मैं आशावान हूं कि अगली बैठक जो 8 जनवरी को होगी उसमें कोई न कोई नतीजा निकलेगा। हमने किसानों को क्लॉज वाइज चर्चा करने को कहा और कुछ चर्चा एमएसपी पर भी हुई। हमें उम्मीद है कि आज की जैसी बात रही उसके हिसाब से अगली बैठक में हल निकलेगा।



कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने बताया कि,''किसानों के साथ MSP पर बात हुई लेकिन निर्णय नहीं निकला| अगली वार्ता 8 जनवरी को होगी...अगली बैठक में समाधान निकलने की उम्मीद|किसानों का सरकार पर भरोसा है|कुल मिलाकर चर्चा ठीक वातावरण में हुई; सरकार के मन में किसानों के लिए संवेदना है; सारे देश को ध्यान में रखकर ही कोई निर्णय करेगी सरकार| किसानों के समग्र हित को ध्यान में रखकर क़ानून बनाया; ऐसे मसलों पर कई दौर की बातचीत होती है; रास्ता निकलने के लिए दोनों ओर से ताली बजती है|








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यह रिपोर्ट 4 जनवरी 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 25 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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