नई दिल्ली: जूलरी ब्रांड ‘तनिष्क’ ने अपने विवादित विज्ञापन को वापस ले लिया लेकिन फिर भी विवाद खत्म नहीं हो रहा है| ट्विटर पर बायकॉट के ट्रेंड से शुरू होकर अब यह मामला ऐड हटाने से लेकर कंपनी के एक स्टोर पर को धमकियां मिलने तक पहुंच गया है| अब गुजरात के गांधीधाम में कंपनी के एक शोरूम के मैनेजर से जबरन माफीनामा लिखवाए जाने की खबर है|,गांधीधाम के एक स्टोर के मालिक ने माफी भी मांगी है|
जूलरी ब्रांड Tanishq के एक विज्ञापन को लेकर गांधीधाम स्थित एक स्टोर पर तोडफोड की जाने की बात सिर्फ एक अफवा| कच्छ पूर्व के SP मयुर पाटील ने बताया, "स्टोर में तोडफोड की जाने की बात बिलकुल गलत| पुलिस इस इलाके में कर रही है पेट्रोलिंग| कच्छ (पूर्व) के एसपी मयूर पाटिल,ने कहा कि,''12 अक्टूबर को, गांधीधाम में तनिष्क स्टोर में दो लोग आए और गुजराती में माफी मांगने की मांग की। दुकान के मालिक ने मांग पूरी कर दी थी लेकिन उन्हें कच्छ से धमकी भरे फोन आ रहे थे।
स्टोर पर हमले की खबरें झूठी हैं| कच्छ के गांधीधाम में तनिष्क स्टोर के मैनेजर राहुल मनुजा ने कहा कि,''दुकान पर हमला नहीं किया गया है। हालाँकि, मुझे कुछ धमकी भरे कॉल मिले। पुलिस ने हमारा समर्थन किया है|
दरअसल,''त्योहारी सीजन को देखते हुए मशहूर ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क ने अपने प्रमोशन के लिए नया विज्ञापन जारी किया, लेकिन यह उसके लिए परेशानी का कारण बन गया। वीडियो के सामने आते ही लोगों ने तमाम सोशल प्लेटफार्म पर इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों ने इसे लव जिहाद को बढ़ावा देने वाला बताया। विरोध का स्वर कुछ इस तरह उठा कि उसे अपने यू-ट्यूब चैनल से इस विज्ञापन को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
तनिष्क ने अपने जूलरी कलेक्शन ‘एकत्वम’ को बढ़ावा देने के लिए पिछले सप्ताह यह विज्ञापन जारी किया था| तभी से इसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया था|इस विज्ञापन को लेकर ट्विटर पर हैशटैग ‘बायकॉट तनिष्क’ ट्रेंड करने लगा था| 43 सेकंड के इस विज्ञापन में एक गर्भवती महिला को उसकी ‘गोद भराई’ की रस्म के लिए एक महिला द्वारा ले जाते हुए दिखाया गया था|जो महिला उसे ले जा रही थी वह उसकी सास थी|
विज्ञापन में साड़ी और बिंदी लगाये एक गर्भवती महिला अधिक आयु वाली महिला को मां कहकर संबोधित करती है, जिसने सलवार कुर्ता पहन रखा है और अपना सिर दुपट्टे से ढंक रखा है| गर्भवती महिला सवाल करती है, ‘मां, लेकिन यह रस्म तो आपके घर में होती भी नहीं न’’ इस पर मां जवाब देती है, ‘‘पुत्रियों को खुश रखने की परंपरा हर घर में होती है| ऐड न में संयुक्त परिवार को दिखाया गया है, जिसमें हिजाब पहने एक महिला, साड़ी पहनी महिलाएं और नमाजी टोपी पहने लोग दिखते हैं|वीडियो में हिंदू-मुस्लिम परिवार को एकजुट दिखाने की कोशिश की गई है।