नई दिल्ली: सदन में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "हमें राजनीतिक आलोचना से कोई समस्या नहीं है लेकिन हमें अपने जवानों का अपमान नहीं करना चाहिए।जब मैं देखता हूं कि कौन सलाह दे रहा है तो मैं केवल झुक सकता हूं और सम्मान कर सकता हूं। जवानों के लिए पिटाई शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए|
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, "अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो भारतीय सेना को सीमा पर किसने भेजा। अगर हम चीन के प्रति उदासीन थे तो आज चीन पर डी-एस्केलेशन और डिसइंगेजमेंट के लिए दबाव क्यों बना रहे हैं? हम सार्वजनिक रूप से क्यों कह रहे हैं कि हमारे संबंध सामान्य नहीं हैं?|
एस जयशंकर ने कहा, "हमें प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से अपने जवानों की आलोचना नहीं करनी चाहिए। हमारे जवान यांग्त्से में 13 हजार फीट की ऊंचाई पर खड़े होकर हमारी सीमा की रखवाली कर रहे हैं। उनका सम्मान और सराहना की जानी चाहिए|
बता दें, 9 दिसंबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारतीय और चीनी सेना के जवानों के बीच झड़प हुई थी। झड़प में 20-30 भारतीय सैनिकों के घायल होने की खबर है। LAC पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प में घायल हुए भारतीय सैनिकों को असम के गुवाहाटी में एक सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सैनिकों के साथ झड़प पर शुक्रवार को (16 दिसंबर, 2022 को) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा था,'' चीन पर सरकार चीजों को छिपाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसे छिपाया नहीं जा सकता। हिंदुस्तान की सरकार सोई हुई है। सरकार इस बात को सुनना नहीं चाहती है। चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है। हमारे विदेश मंत्री को अपनी समझ गहरी करनी चाहिए|
राहुल गांधी ने कहा था कि, “उधर चीन युद्ध की तैयारी कर रहा है, इधर भाजपा सरकार ‘इवेंट मैनेजमेंट’ में लगी है। देश से सच्चाई छुपाने की कोशिश करने से बेहतर होगा चीन को भारत की शक्ति दिखाइए, प्रधानमंत्री जी।