कोलकाता: चुनावी आचार संहिता उल्लंघन के मामले में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनाव आयोग ने 24 घंटे का लगाया बैन लगा दिया है| जिसके बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC नेता ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के खिलाफ धरने पर बैठने का ऐलान कर दिया है| चुनाव प्रचार पर लगाए गए प्रतिबंध खिलाफ और चुनाव आयोग के विरोध में कल टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता में धरने पर बैठेगी|
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,''भारत निर्वाचन आयोग के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक निर्णय के विरोध में, मैं कल दोपहर 12 बजे कोलकाता के गांधी मूर्ति में धरने पर बैठूंगी। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने आयोग के इस फैसले पर कहा है कि आज का दिन हमारे लोकतंत्र के लिए 'काला दिवस' है।
भारत निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर 12 अप्रैल की रात 8 बजे से 13 अप्रैल की रात 8 बजे तक किसी भी तरह के प्रचार करने पर प्रतिबंध लगाया है। इस दौरान वह चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगी| आरोप है कि तीन अप्रैल को, बनर्जी ने हुगली में ताराकेश्वर की चुनाव रैली के दौरान मुस्लिम मतदाताओं से कहा कि वे अपने वोट को विभिन्न पार्टियों के बीच विभाजित न होने दें | उन्हें चुनाव आयोग की ओर से पिछले सप्ताह नोटिस जारी किए गए थे|
चुनाव आयोग ने कहा, आपके (ममता बनर्जी) हाथ से लिखे गए नोट में जो आरोप लगाए गए हैं उनकी रिपोर्ट का अध्ययन करने से खुद ही साफ हो जाता है कि आपके आरोप तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि ये आरोप बिना किसी पुख्ता सबूत के लगाए गए हैं और जो कहा गया है वैसा कुछ नहीं है।
निर्वाचन आयोग ने कहा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आदर्श आचार संहिता के प्रावधानों का उल्लंघन किया है। उन्होंने ऐसी टिप्पणियां की हैं जिनसे कानून व्यवस्था के बिगड़ने का खतरा पैदा हुआ है। इसके साथ ही उन्होंने इस तरह के बयान दिए हैं जिनसे चुनावी प्रक्रिया पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
इस संबंध में निर्वाचन आयोग की ओर से जारी एक आदेश में बनर्जी को ऐसे बयान देने से बचने की सलाह दी गई। इसमें कहा गया, ‘आयोग पूरे राज्य में कानून व्यवस्था की गंभीर समस्याएं पैदा कर सकने वाले ऐसे बयानों की निंदा करता है और ममता बनर्जी को सख्त चेतावनी देते हुए सलाह देता है कि आदर्श आचार संहिता प्रभावी होने के दौरान सार्वजनिक अभिव्यक्तियों के दौरान ऐसे बयानों का उपयोग करने से बचें।’
बता दें कि पश्चिम बंगाल में चार चरणों की वोटिंग हो चुकी है|पांचवें चरण के लिए 17 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे| इससे पहले चुनाव आयोग ने उनके प्रचार पर प्रतिबंध लगा दिया है| यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है| पश्चिम बंगाल में छठे चरण के लिए 22 अप्रैल, सातवें चरण के लिए 26 अप्रैल और आठवें चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे| नतीजों की घोषणा 2 मई को होगी|