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25 अगस्त 2026

संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया, संसद के दोनों सदनों ने नौ विधेयक पारित किए

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र, 2022, जो बुधवार, 7 दिसंबर, 2022 को शुरू हुआ था उसे 23 दिसंबर, 2022 शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। शीतकालीन सत्र के बारे में जानकारी देते हुए…

संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया, संसद के दोनों सदनों ने नौ विधेयक पारित किए
संसद का शीतकालीन सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया, संसद के दोनों सदनों ने नौ विधेयक पारित किए | फ़ोटो: TVL News

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र, 2022, जो बुधवार, 7 दिसंबर, 2022 को शुरू हुआ था उसे 23 दिसंबर, 2022 शुक्रवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया है। शीतकालीन सत्र के बारे में जानकारी देते हुए केंद्रीय संसदीय कार्य, कोयला और खान मंत्री,  प्रहलाद जोशी ने कहा कि शीतकालीन सत्र, 2022 की 17 दिनों की अवधि में 13 बैठकें आयोजित हुईं।


जोशी ने संसद परिसर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि यह सत्र, जो मूल रूप से 7 दिसंबर, 2022 से 29 दिसंबर, 2022 तक 17 बैठकों को आयोजित करने के लिए निर्धारित किया गया था, इसे आवश्यक सरकारी कार्य पूरा होने और दोनों सदनों की कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की सिफारिशों के कारण सत्र का समय कम किया गया। सदनों की कार्य मंत्रणा समिति ने क्रिसमस/साल के अंत में होने वाले समारोहों के लिए पार्टी लाइन से हटकर सांसदों की मांग और भावनाओं का संज्ञान लिया। 



सत्र के दौरान वर्ष 2022-23 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों के पहले बैच और 2019-20 के लिए अतिरिक्त अनुदान मांगों पर चर्चा की गई और उन पर मतदान किया गया एवं संबंधित विनियोग विधेयकों को 11 घंटे चली बहस के बाद 14.12.2022 को लोकसभा में पारित किया गया। राज्यसभा ने इन विधेयकों को करीब 9 घंटे की बहस के बाद 21.12.2022 को वापस कर दिया।


जोशी ने यह भी कहा कि मौजूदा विधान को पूरक करते हुए और 97वें संवैधानिक संशोधन के प्रावधानों को शामिल करते हुए तथा निगरानी तंत्र बेहतर बनाने और बहुराज्य सहकारी समितियों के लिए ई??? ऑफ डूइंग बिजनेस सुनिश्चित करने के द्वारा बहुराज्य सहकारी समितियों में शासन को मजबूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने, जवाबदेही में बढ़ोत्तरी करने और चुनावी प्रक्रिया में सुधार आदि के लिए दो विधेयक "बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022" और "जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक, 2022" को जीवन और व्यापार को आसान बनाने के लिए विश्वास-आधारित शासन को अच्छा बनाने के लिए नाबालिग अपराधों को कम करने और युक्तियुक्त बनाने के लिए कुछ विधानों में संशोधन करने के लिए संसद के दोनों सदनों की संयुक्त समिति को उनके प्रस्ताव के बाद संबंधित सदनों में पारित होने के बाद भेजा गया था।



उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान लोकसभा में 9 विधेयक पेश किए गए। लोकसभा ने 7 विधेयक और राज्यसभा ने 9 विधेयक पास किए। सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की कुल संख्या 9 है। सत्र के दौरान दोनों सदनों द्वारा पारित कुछ प्रमुख विधेयक हैं:



वन्य जीवन (संरक्षण) संशोधन विधेयक2022 यह कानून के तहत संरक्षित प्रजातियों को बढ़ाने और वन्य जीवों और वनस्पतियों की लुप्तप्राय प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर कन्वेंशन को लागू करने का प्रयास करता है।


ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक2022 (ए) यह ऊर्जा और फीडस्टॉक के लिए ग्रीन हाइड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, बायोमास और इथेनॉल सहित गैर-जीवाश्म स्रोतों के उपयोग को अनिवार्य बनाता है; (बी) यह कार्बन बाजार स्थापित करने; (ग) बड़े आवासीय भवनों को ऊर्जा संरक्षण व्यवस्था के दायरे में लाने; (डी) ऊर्जा संरक्षण भवन कोड के दायरे को बढ़ाने; (ङ) जुर्माने के प्रावधानों में संशोधन करने; (च) ऊर्जा दक्षता ब्यूरो की शासी परिषद में सदस्यों की संख्या बढ़ाने; (छ) राज्य विद्युत विनियामक आयोगों को उनके कार्यों के निर्विघ्न निर्वहन के लिए विनियम बनाने के लिए सशक्त बनाने का जनादेश देता है।



नई दिल्ली मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक2022 यह केंद्र का नाम नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र से बदलकर भारत अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र करने का प्रस्ताव करता है ताकि कानून द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय महत्व के संस्थान की विशिष्ट पहचान स्पष्ट हो और अपने वास्तविक उद्देश्य को दर्शाता है।



संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) विधेयक2022 यह संविधान (अनुसूचित जाति) आदेश, 1950 और संविधान (अनुसूचित जनजाति) (उत्तर प्रदेश) आदेश, 1967 में उत्तर प्रदेश के चार जिलों (i) चंदौली, (ii) कुशीनगर, (iii) संत कबीर नगर, और (iv) भदोही में गोंड समुदाय को अनुसूचित जाति के रूप में बाहर करने  और उन्हें इन चार जिलों में उन्हें अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता देता है।


मैरीटाइम एंटी-पायरेसी बिल2022 समुद्र में समुद्री डकैती के दमन के लिए विशेष प्रावधान करने और समुद्री डकैती के अपराध के लिए सजा का प्रावधान करने और उससे जुड़े या प्रासंगिक मामलों के लिए प्रावधान करने का प्रस्ताव करता है।



संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) विधेयक2022 यह संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में और संशोधन करना चाहता है ताकि तमिलनाडु राज्य में अनुसूचित जनजातियों की सूची को संशोधित किया जा सके तमिलनाडु में अनुसूचित जनजातियों के सूची में नारिकोरवन और कुरीविककरण समुदायों को शामिल किया जा सके।  


संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक2022 संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश, 1950 में और संशोधन करना चाहता है ताकि कर्नाटक राज्य के संबंध में बेट्टा-कुरुबा समुदाय के लिए अनुसूचित जनजातियों की सूची में संशोधन किया जा सके।



जोशी ने बताया कि लोक सभा में पेश विधेयकों, लोक सभा द्वारा पारित विधेयकों, राज्य सभा द्वारा पारित विधेयकों और दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयकों की सूची अनुलग्नक में संलग्न है।

लोकसभा में नियम 193 के तहत दो अल्पकालिक चर्चाएँ आयोजित की गईं:

(i) “देश में नशीली दवाओं के दुरुपयोग की समस्या और उस पर सरकार द्वारा उठाए गए कदम एवं (ii) "भारत में खेलों को बढ़ावा देने की आवश्यकता और सरकार द्वारा उठाए गए कदम" पर आगे की चर्चा फिर से शुरू हुई और समाप्त हुई।


(इन दो चर्चाओं में 15 घंटे से अधिक का समय समर्पित किया गया जिसमें विभिन्न पार्टियों के 119 सदस्यों ने भाग लिया।)



राज्यसभा में, नियम 176 के तहत "ग्लोबल वार्मिंग के गंभीर प्रभाव और इससे निपटने के लिए उपचारात्मक कदमों की आवश्यकता" पर एक अल्पकालिक चर्चा आयोजित की गई, जिसमें 17 सदस्यों ने लगभग 3 घंटे तक भाग लिया।


लोकसभा की उत्पादकता लगभग 97 प्रतिशत और राज्यसभा का लगभग 103 प्रतिशत रही।



17वीं लोक सभा के 10वें सत्र और राज्य सभा के 258वें सत्र (शीतकालीन सत्र) के दौरान संपन्न विधायी कार्य

I - लोक सभा में पेश किए गए विधेयक

1.बहु-राज्य सहकारी समितियां (संशोधन) विधेयक, 2022

2.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022

3.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022

4.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022

5.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक, 2022

6.विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2022

7.विनियोग (संख्या 5) विधेयक, 2022

8.निरसन और संशोधन विधेयक, 2022

9.जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2022



लोक सभा द्वारा पारित विधेयक

  • विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2022

2.विनियोग (संख्या 5) विधेयक, 2022

3.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022

4.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (तीसरा संशोधन) विधेयक, 2022

5.समुद्री डकैती रोधी विधेयक, 2022

6.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022

7.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (पांचवां संशोधन) विधेयक, 2022



राज्य सभा द्वारा पारित विधेयक

1.वन्य जीवन (संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2022
2.ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022
3.नई दिल्ली मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022
4.संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022
5.विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2022
6.विनियोग (संख्या 5) विधेयक, 2022
7.समुद्री डकैती रोधी विधेयक, 2022
8.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022
9.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022


संसद के दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक

1. वन्य जीवन (संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2022

2.ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022

3.नई दिल्ली मध्यस्थता केंद्र (संशोधन) विधेयक, 2022

4.विनियोग (संख्या 4) विधेयक, 2022

5.विनियोग (संख्या 5) विधेयक, 2022

6.संविधान (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति) आदेश (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2022

7.समुद्री डकैती रोधी विधेयक, 2022

8.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2022

9.संविधान (अनुसूचित जनजाति) आदेश (चौथा संशोधन) विधेयक, 2022


 राज्यसभा द्वारा किए गए संशोधनों को लोकसभा ने स्वीकार कर लिया




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TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 23 दिसंबर 2022 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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