जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट में सचिन पायलट खेमे की याचिका पर सुनवाई टल गई है|सचिन पायलट की तरफ से उच्च न्यायालय में पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि सदन से बाहर के मामले में विधानसभा अध्यक्ष नोटिस जारी नहीं कर सकते हैं। ऐसे में ये अवैध है। इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। हालांकि सुनवाई शुरू होने के कुछ देर बाद ही राजस्थान उच्च न्यायालय ने इसे टाल दिया। अब इस मामले पर कल सुनवाई होगी।
दरअसल, याचिकार्ताओं ने अदालत से और समय मांगा। साथ ही याचिका में सुधार करने के लिए भी वक्त मांगा। जिसके बाद अदालत ने इसपर सुनवाई टाल दी।
राजस्थान में सियासी घमासान के बीच राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सी. पी. जोशी की ओर से कांग्रेस के बागी विधायकों को भेजे गए नोटिस पर सचिन पायलट खेमे ने राजस्थान हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट में पायलट खेमें ने याचिका दाखिल कर स्पीकर की ओर से भेजे गए नोटिस पर सवाल किया है। नोटिस मामले की सुनवाई करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट ने आज के लिए सुनवाई को टाल दिया है। अब इस मामले पर सुनवाई शुक्रवार को हो सकती है।
इससे पहले जब दोपहर तीन बजे सुनवाई शुरू हुई तो नोटिस को रद्द करने की मांग की गई। लेकिन इस मामले में सचिन पायलट खेमे को कोई भी राहत नहीं मिली, जिसके बाद पायलट खेमे के वकील हरीश साल्वे की ओर से हाईकोर्ट से समय मांगा गया। हाईकोर्ट ने आगे की सुनवाई कल तक के लिए टाल दी है। इस बीच जानकारी ये भी आ रही है कि नोटिस मामले की अगली सुनवाई खंडपीठ करेगी, जिसके लिए हाईकोर्ट एक बैंच का गठन करेगा।
बता दें कि सचिन पायलट सहित 19 विधायकों को राजस्थान विधानसभा स्पीकर की ओर से बुधवार को नोटिस भेजा गया था| विधानसभा अध्यक्ष ने इन विधायकों को नोटिस भेजकर 17 जुलाई तक जवाब मांगा है|
बुधवार को राजस्थान कांग्रेस प्रभारी अविनाश पांडे ने कहा था कि, कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में शामिल नहीं होने के लिए सचिन पायलट और पार्टी के 18 अन्य सदस्यों को नोटिस जारी किया गया है। यदि वे 2 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो यह माना जाएगा कि वे CLP से अपनी सदस्यता वापस ले रहे हैं| कांग्रेस की शिकायत पर स्पीकर ने इन बागी विधायकों को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है| विधायकों को जवाब देने के लिए 17 जुलाई तक का वक्त दिया गया है|