कानपुर देहात: कानपुर देहात के थाना रुरा क्षेत्रान्तर्गत मंडौली गांव में सोमवार को प्रशासन द्वारा अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत हो गई। मामले में SDM को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि लेखपाल और जेसीबी के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से पीड़ित परिवार से बात की और मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव उठाने के लिए राजी हुए। फॉरेंसिक टीम ने शव उठाकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। वही, परिजनों से मिलने मंडौली गांव में जा रहे समाजवादी पार्टी के 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को पुलिस प्रशासन ने रास्ते में ही रोक दिया है|
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कानपुर देहात में बुलडोजर कार्रवाई के दौरान जिंदा जला कर मां-बेटी की मौत की घटना की जानकारी तथा पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी प्रतिनिधिमण्डल को पुलिस द्वारा जगह-जगह रोके जाने की कड़ी निंदा की है। पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर हैं। सरकार का व्यवहार पूरी तरह से निरंकुश है। सरकार की शह पर अधिकारी और पुलिस अत्याचार की हदें पार कर चुके हैं। पहले सरकार की बुलडोजर नीति के कारण मां-बेटी की हत्या हुई। उसके बाद विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ0 मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में घटना स्थल पर जा रहे पार्टी प्रतिनिधिमण्डल को रोका गया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव द्वारा गठित समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल में सर्वश्री अमिताभ बाजपेयी, विनोद चतुर्वेदी, प्रदीप यादव, मोहम्मद हसन रूमी सभी विधायकगण एवं राम प्रकाश कुशवाहा तथा कमलेश दिवाकर पूर्व विधायक, प्रमोद यादव निवर्तमान जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, वेदव्यास निराला पूर्व प्रमुख, बलवान उर्फ मुन्ना, निवर्तमान विधानसभाध्यक्ष समाजवादी पार्टी, प्रवीण यादव बंटी, निवर्तमान राष्ट्रीय महासचिव यूथ ब्रिगेड शामिल थे।
कानपुर देहात में घटना स्थल पर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमण्डल को जाने से रोकने के लिए सरकार ने तमाम तरह के अलोकतांत्रिक और असंवैधानिक हथकंडे अपनाये। कानपुर जिला प्रशासन ने अपने दुष्कृत्य को छुपाने के लिए सुबह से अमिताभ बाजपेयी विधायक के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया और बाहर निकलने नहीं दिया। पुलिस प्रशासन ने डॉ0 मनोज पाण्डेय एवं उदय राज यादव पूर्व विधायक और अन्य नेताओं को कानपुर जाते समय जाजमऊ के पहले ही रोक दिया। जिसके बाद मनोज पाण्डेय के नेतृत्व में पार्टी के नेता धरने पर बैठ गए।
इसी तरह से प्रशासन ने प्रतिनिधि मण्डल के सदस्य कालपी के विधायक विनोद चतुर्वेदी और विधायक प्रदीप यादव को भी घटना स्थल पर नहीं जाने दिया। यह सरकार और पुलिस प्रशासन जनता और विधायकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर कुठाराघात कर रही है। पुलिस का रवैया शर्मनाक और निंदनीय है।
समाजवादी पार्टी की मांग है कि इस काण्ड के आरोपी डीएम, एसडीएम और लेखपाल पर धारा 302 में मुकदमा दर्ज हो, मृतकों के परिजनों को सरकार पर्याप्त एवं उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दे। पीड़ित परिजनों की मांगों को राज्य सरकार को तत्काल पूरा करना चाहिए।
कानपुर देहात में अतिक्रमण हटाने के दौरान मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत, एक की हालत गंभीर
कानपुर में योगी सरकार के प्रशासन द्वारा उत्पीड़न का शिकार होकर अपनी जान गवाने वाली प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा दीक्षित के परिजनों से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को रोका जाना सरकार की मंशा जाहिर करता है। समाजवादी पार्टी पीड़ित परिवार के साथ है: समाजवादी पार्टी
कानपुर में हुई अमानवीय घटना के बाद पीड़ित परिवार से संवेदना प्रक?? करने जा रहे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को योगी सरकार के प्रशासन द्वारा रोका जाना बेहद निंदनीय। आरोपी डीएम, एसडीएम और लेखपाल पर दर्ज हो धारा 302 के अंतर्गत मुकदमा: समाजवादी पार्टी