●कमोडिटी एक्सचेंज के नाम पर ठगने वाले तीन और अभियुक्त दबोचे
●ठगी करने के लिये चाइनीज अभियुक्तों ने बना रखी थी फर्जी वेबसाइट
●कभी गेम तो कभी लोन तो कभी कमोडिटी एक्सचेंज के नाम पर फंसाते हैं
●मोटी रकम हासिल करने के बाद अभियुक्त वेबसाइट को कर देते हैं क्रैश
●चाइनीज मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी कानपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच
●इसके पहले भी ठगी करने वाले चार अभियुक्तों को क्राइम ब्रांच पकड़ चुकी
कानपुर: कार्पोरेट मंत्रालय भारत सरकार द्वारा भी चाइनीज नागरिको द्वारा फर्जी कम्पनी बनाकर अपराध करने वाले व्यक्तियों पर कार्यवाही की जा रही है। अपराध संख्या-139/22 धारा-420/409/467/120बी भादवि 66डी आईटी एक्ट थाना कोतवाली कानपुर नगर में दर्ज प्रकरण में क्राइम ब्रांच टीम द्वारा अभी तक 07 लोगों को गिरफ्तार किया गया है|
भारतीय सीमा में लगातार घुसपैठ की फिराक में रहने वाला चाइना अब साइबर फ्राड करके भारतीयों को आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने की जुगत में है। पुलिस कमिश्नरेट कानपुर नगर की क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर चाइनीज शातिरों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। क्???ाइम ब्रांच ने तीन और अभियुक्तों को दबोच लिया है। साथ ही चाइनीज मास्टर माइंड की तलाश में टीम जुटी हुई है।
इस प्रकार शिकार बना रहे शातिर
चाइना में बैठे मास्टर माइंड भारतीय नागरिकों को ठगने के लिये तीन तरह के पैतरे इस्तेमाल कर रहे हैं। पहला पैतरा यह कि लोगों को कमोडिटी एक्सचेंज और क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर इंवेस्ट करने के लिये फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से लिंक भेजते हैं और इसके बाद जब कोई व्यक्ति अच्छी खासी रकम इंवेस्ट कर देता है तो शातिर अभियुक्त वेबसाइट को कैश कर देते हैं।
दसरे पैतरे में शातिर लोगों को गेम खिलाने के नाम पर लिंक भेजते हैं और उसकी सारी जानकारी जुटाने के बाद अच्छी खासी रकम ठगने के बाद वेबसाइट को क्रैश कर देते हैं, तब तक लिंक पर क्लिक करने वाला अच्छा खासा नुकसान उठा चुका होता है।
तीसरे पैतरे में शातिर लोन दिलाने या लाटरी के नाम पर लोगों को वेबसाइट के माध्यम से लिंक भेजते हैं और लिंक के माध्यम से ऐप डाउनलोड करवाते है जिसमें फोन को हैक कर ब्लैकमेल से पैसे ऐठते है।
ऐसे पकडा गया मामला
घटनाक्रम के मुताबिक बीती 12 जून को एम्पोरियम स्टेट सिविल लाइंस कानपुर नगर में रहने वाले फैजउर रहमान ने थाना कोतवाली पुलिस को अपने साथ हुई ठगी के बारे में बताया। फैजउर रहमान ने बताया कि उनहोंने 30 अप्रैल से शेयर ट्रेडिंग का काम शुरू किया थाजिसके लिये www.idex-online.com में पैसा इंवेस्ट करना शुरू किया। शुरूआत में वेबसाइट ने अच्छा पैसा रिटर्न किया। इससे उनके मन में विश्वास आ गया और उन्होंने एक साथ 11 लाख रुपये लगा दिये। लेकिन 11 लाख लगाने के बाद वेबसाइट कुछ दिन बाद 30 मई को क्रैश हो गई। थाना कोतवाली पुलिस ने मामला पंजीकृत करके क्राइम ब्रांच को भेज दिया।
ठगी का एक नया अंदाज
गिरोह के चार सदस्यों को आगरा से पूर्व मे 18 जुलाई को पकड़ा गया। अभियुक्तों की पहचान विकास और विक्रम सिंह पुत्र महावीर सिंह दोनों सगे भाई हैं। विकास सिंह पुत्र दीवान सिंह। नितिन सोनी पुत्र पवन सोनी। राहुल नागर पुत्र राजकुमार नागरा सभी अभियुक्त आगरा के रहने वाले हैं। इसमें नितिन सोनी के पिता सराफा व्यवसायी हैं, बाकी अभियुक्त छोटी-मोटी प्राइवेट नौकरी करते हैं। इसमें राहुल नागर फर्जी पतों पर सिम का प्रबंध करता है, जिस खाते में पैसे ट्रांसफर हुए वह नितिन सोनी का है। सभी अभियुक्तों की उम्र 25-30 साल के बीच है।
अब तक की पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि बीते सात-आठ माह से वह ठगी का धंधा कर रहे हैं। अब तक करीब 50 लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। नितिन सोनी के खाते से अब तक साढ़े पांच करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन हो चुका है।
कानपुर सेंट्रल आए थे शातिर
18 जुलाई को मिली सफलता के बाद क्राइम ब्रांच ने जब जांच आगे बढ़ाई तो चाइनीज शातिरों की हरकत के बारे में पता चला। यह निकलकर आया कि चाइना में बैठे शातिर भारतीयों को आगे करके वेबसाइट के माध्यम से ठगी का धंधा कर रहे हैं। शुक्रवार को पकड़े गये अभियुक्त कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मिलने के लिये आए थे। वहां से तीनों को एटीएम और खातों का प्रबंध करना था और आगे की प्लानिंग बनानी थी।
पकड़े गये अभियुक्तों की पहचान
1.यश यादव पुत्र महेश यादव निवासी वार्ड नंबर 6 शिव कालोनी हेली मंडी गुड़गांव हरियाणा
2.श्रवण यादव पुत्र उदयभान निवासी 131 भवानीगंज जनपद सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश
3.अनुपम द्विवेदी पुत्र प्रेमचंद्र द्विवेदी निवासी अतरा रोड नेतानगर नगर आंशिक निकट पावर हाउस बबेरू देहात थाना बबेरू जिला बांदा उत्तर प्रदेश के रूप में हुई। क्राइम ब्रांच चाइनीज मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।
गिरफ्तार करने वाली टीम में इंस्पेक्टर सचिदानंद कोतवाली, सब इंस्पेक्टर पुनीत तोमर क्राइम ब्रांच, कांस्टेबल जितेंद्र गर्ग क्राइम ब्रांच, कांस्टेबल धमेंद्र प्रताप क्राइम ब्रांच, कांस्टेबल मोहित चौधरी क्राइम ब्रांच, कांस्टेबल प्रवीन कुमार को श्रीमान पुलिस आयुक्त द्वारा 50,000/- रु0 ईनाम दिया जायेगा।