लखनऊ: रामपुर की स्वार विधानसभा से सपा विधायक अब्दुल्ला आजम खां की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है. यूपी विधानसभा सचिवालय ने बुधवार को अब्दुल्ला आजम की सीट को रिक्त घोषित किया। सपा नेता आजम खान के बाद अब उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की भी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है।
मुरादाबाद की MP/MLA कोर्ट ने सोमवार को 15 साल पुराने मामले (2008 छजलैट केस) में सपा महासचिव आजम खान और उनके विधायक बेटे अब्दुल्ला आजम को 2-2 साल की सजा सुनाई थी। दोनों पर 3-3 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि उन्हें कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी। अब 6 महीने के अंदर स्वार सीट पर उपचुनाव कराया जाएगा।
डीजीसी (जिला सरकारी वकील) अपराध नितिन गुप्ता ने बताया,''मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमवार को सपा नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को 2 साल की जेल की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 3,000 रुपये का जुर्माना लगाया|
2008 छजलैट केस में कोर्ट ने जमानतनामा दाखिल करने के बाद आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को सोमवार रात करीब साढ़े 8 बजे रिहा कर दिया गया था। इस फैसले के बाद आज बुधवार को अब्दुल्ला आजम खां की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है|
दरअसल, 2 जनवरी, 2008 को पूर्व मंत्री आजम खान अपने बेटे और परिवार के साथ मुजफ्फरनगर में एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। छजलैट थाने के सामने वाहन चेकिंग के दौरान आजम खान की गाड़ी पुलिस ने रुकवा ली थी। इसके विरोध में आजम सड़क पर धरने पर बैठ गए थे। आरोप है कि सड़क जाम करते हुए बवाल किया गया था और सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की थी।
बता दें, अब्दुल्ला आजम को 3 साल में अपनी विधायकी से दो बार हाथ धोना पड़ा है। 3 साल पहले भी उम्र के फर्जी प्रमाणपत्र मामले में हाईकोर्ट में अब्दुल्ला की विधायकी को रद्द कर दिया था।
इससे पहले, अक्टूबर, 2022 में हेट स्पीच मामले में दोषी करार दिए गए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर शहर सीट के विधायक मोहम्मद आजम खान की यूपी विधानसभा की सदस्यता समाप्त कर दी गई थी| यूपी विधानसभा के अध्यक्ष ने 28 अक्टूबर, 2022 को सपा नेता और रामपुर विधायक आजम खान को विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया था|
2019 के हेट स्पीच मामले में आजम खान को 27 अक्टूबर 2022 को 3 साल जेल की सजा और 2000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद सपा विधायक आजम खान को यूपी विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था|
गौरतलब है कि, हेट स्पीच का यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव से जुड़ा है| आजम खान सपा-बसपा गठबंधन से रामपुर सीट से प्रत्याशी थे।आजम खान ने सात अप्रैल, 2019 को रामपुर की मिलक विधानसभा में एक चुनावी भाषण के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और तत्कालीन जिलाधिकारी को लेकर भड़काऊ टिप्पणियां की थी।
भाजपा के नेता आकाश सक्सेना ने उनके खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। जिस पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने मिलक कोतवाली में आजम खान के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पुलिस की जांच पड़ताल के बाद यह मामला रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पहुंच गया था।