लखनऊ: उत्तर प्रदेश के कानपुर में संजीव यादव अपहरण और हत्या मामले में संजीव यादव के शव की तलाश जारी है। 22 जून को संजीव यादव का अपहरण किया गया था और 27 जून को संजीव की हत्या करने के बाद अपहरणकर्ताओं ने उसके शव को नहर में फेंक दिया था। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अपहरण संजीव यादव की मौत पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जताया है और कहा कि,'' चेतावनी देने के बाद भी सरकार निष्क्रिय रही|साथ ही उन्होंने यूपी में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है| उन्होंने कहा की सपा मृतक के परिवार को 5 लाख की मदद देगी|
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि,''कानपुर से अपहृत इकलौते बेटे की मौत की ख़बर दुखद है. चेतावनी देने के बाद भी सरकार निष्क्रिय रही. अब सरकार 50 लाख का मुआवज़ा दे. सपा मृतक के परिवार को 5 लाख की मदद देगी. अब कहाँ है दिव्य-शक्ति सम्पन्न लोगों का भयोत्पादक प्रभा-मण्डल व उनकी ज्ञान-मण्डली.
संजीत के अपहरण के बाद फिरौती दिलाने और फिर उसकी हत्या की घटना को लेकर राजनीतिक दलों ने कानपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। राजनीतिक दलों के साथ जनता भी अब पुलिस की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाने लगी है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा और बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश में जगंलराज कायम होने की बात कही है, वहीं यूपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया है।
अपहृत संजीत यादव की हत्या पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका वाड्रा ने ट्वीट करते हुए कहा है-उप्र में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है। आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है। घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता। विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या। पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और उनकी हत्या कर दी गई। एक नया गुंडाराज आया है, इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है।
यूपी कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने भी कानपुर की घटना पर ट्वीट करते हुए कहा है कि अपहृत संजीत यादव के क़त्ल के बाद कानपुर पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को फिरौती दिलवाई। कहा, जाल' बिछाया था, क्या जाल बिछाने के लिए 30 लाख से भरे बैग की ज़रूरत थी? कांग्रेसजनों ने तभी मामले को उठाया पर तवज़्ज़ो नहीं मिली। बिलखती मां-बहन के असली गुनहगार क्या सिर्फ़ अपहरणकर्ता हैं?
संजीत के अपहरण और हत्या की घटना को लेकर बसपा प्रमुख मायावती ने भी यूपी की कानून व्यवस्था पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि यूपी में जारी जंगलराज के दौरान एक और घटना में कानपुर में अपहरणकर्ताओं द्वारा श्री संजीत यादव की हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया गया जो अति-दुःखद व निंदनीय। प्रदेश सरकार खासकर अपराध-नियंत्रण व कानून-व्यव्स्था के मामले में तुरंत हरकत में आए, बीएसपी की यह मांग है।