लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीजेपी सांसदों और विधायकों के साथ प्रदेश के सभी 18 मंडलों में संचालित विकास परियोजनाओं के संबंध में समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने वर्तमान वित्तीय बजट में प्राविधानित राशि के उपयोग की विभागवार समीक्षा की तथा विकास कार्यों में तेजी लाने हेतु निर्देशित किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,अगले माह UPGIS23 और G-20 के कार्यक्रमों के उपरांत आगामी वित्तीय वर्ष का बजट आकलन प्रस्तुत किया जाना है। सभी विभाग अपनी भावी योजनाओं के अनुरूप बजट के लिए अपना प्रस्ताव तैयार कर भेजें। बजट 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप होगा। बजट प्रस्ताव में लोककल्याण संकल्प पत्र के बिंदुओं का समावेश करें। यह सुनिश्चित करें कि आपका प्रस्ताव वास्तविक हो। जितनी आवश्यकता हो, उतनी ही डिमांड करें|
उन्होंने कहा कि, वित्तीय वर्ष 2022-23 समाप्त होने में अब दो माह ही शेष हैं। वर्तमान वित्तीय बजट की समाप्ति से पूर्व सभी विभागों द्वारा वर्तमान बजट में प्राविधानित धनराशि का यथोचित खर्च किया जाना सुनिश्चित किया जाए। विभाग स्तर पर खर्च की समीक्षा की जाए। वित्त विभाग द्वारा आगामी बजट प्रावधान तय करते समय वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभाग के प्रदर्शन को भी दृष्टिगत रखा जाए। विभाग की मांग के अनुरूप ही बजट प्राविधान किया जाए|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश के समग्र विकास के लिए केंद्र सरकार द्वारा हमें हर संभव सहायता मिल रही है। केंद्र से सामंजस्य स्थापित कर अवशेष धनराशि प्राप्त करें। विभागीय मंत्री स्वयं भारत सरकार के मंत्रीगणों से संवाद करें। केंद्रांश के अभाव में परियोजना बाधित न रखें। नियमानुसार राज्यांश जारी कर कार्य जारी रखा जाए। सभी विभाग शत-प्रतिशत उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजना सुनिश्चित करें|
आवंटन के अनुरूप खर्च में होमगार्ड, ग्राम्य विकास, पंचायती राज, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, लोक निर्माण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, एमएसएमई, नगर विकास, वन, व्यावसायिक शिक्षा को प्रयास तेज करने होंगे|
उन्होंने कहा कि,आगामी दो माह की अवधि में सभी विधानसभा क्षेत्रों में रोजगार मेलों का आयोजन हो। रोजगार एवं सेवायोजन विभाग, उद्योग विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना तैयार करें। इन मेलों के आयोजन के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मार्गदर्शन लें| आकांक्षात्मक विकास खंडों पर सभी विभागों को ध्यान देना होगा। इन जिलों में युवाओं को रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने के लिए आईटीआई/पॉलिटेक्निक/कौशल विकास केंद्र की स्थापना की योजना तैयार करें|
बिजली बिल के समयबद्ध भुगतान के लिए उपभोक्ताओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए यह जरूरी है कि लोगों को सही बिल मिले और समय पर मिले। ओवरबिलिंग, फाल्स बिलिंग अथवा विलंब से बिल दिया जाना उपभोक्ता को परेशान करता है। इस व्यवस्था में सुधार के लिए बिलिंग और कलेक्शन एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए ऊर्जा विभाग को ठोस कार्ययोजना बनानी होगी। ग्रामीण इलाकों में विशेष प्रयास की जरूरत है। बिजली बिल की वसूली के नाम पर कहीं भी उत्पीड़न नहीं होना चाहिए|
नवीन नगरों की स्थापना का कार्य यथाशीघ्र प्रारम्भ कर दिया जाए। यह नए शहर आधुनिक नगरीय सुविधाओं का मानक गढ़ने वाले होंगे। अनुपूरक बजट में हमने ₹4,000 करोड़ की राशि इस हेतु प्राविधानित की है। योजना की महत्ता को देखते हुए इसे शीघ्र क्रियान्वित किया जाए|
योगी ने कहा कि, 23 नए सर्व सुविधायुक्त बस स्टेशन बनाने के हमारे प्रयास का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इसे तेजी से आगे बढ़ाया जाए। हमें नए रूट पर बसें चलानी हैं। इस संबंध में विभाग स्तर से योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जाए। हर जिले में पीपीपी मॉडल पर कम से कम एक आधुनिक मॉडल बस स्टेशन विकसित किया जाए। परिवहन विभाग की अधूरी परियोजनाओं को पूरा कराने के लिए शासन स्तर से हर संभव सहायता दी जाएगी|
मुख्यमंत्री ने कहा कि,''जिन नए इंटर कॉलेजों/महाविद्यालयों का भवन निर्माण पूरा हो गया है, उन्हें हैंडओवर कर यथाशीघ्र क्रियाशील किया जाए। महाविद्यालयों में पाठ्यक्रम तय करते समय न्यू एज कोर्सेज को वरीयता दी जाए। यह सुनिश्चित कराएं की कहीं स्टाफ की कमी न हो। 50-60 वर्ष की आयु पूरी कर चुके राजकीय इंटर कॉलेजों के भवनों का जीर्णोद्धार किया जाना आवश्यक है। अब जर्जर हो चुके इन परिसरों ने देश को अनेक रत्न दिए हैं। ऐसे भवनों को ध्वस्त कराकर नवीन भवन निर्माण के लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार की जाए|
उन्होंने कहा कि, समस्त मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर/कप्तान, मुख्य विकास अधिकारी आदि फील्ड में तैनात सभी अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सतत संवाद-संपर्क बनाए रखें। माह में एक बार जनप्रतिनिधियों के साथ विकास परियोजनाओं की समीक्षा करें|