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23 अगस्त 2026

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों पर लगेगा रासुका: CM योगी

रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी| यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,''रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी बड…

रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों पर लगेगा रासुका: CM योगी
रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने वालों पर लगेगा रासुका: CM योगी | फ़ोटो: TVL News

रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी करने वालों पर रासुका के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी| यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,''रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी बड़ा अपराध है। इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट अथवा रासुका के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाए। रेमडेसिविर सहित किसी भी प्रकार की दवाओं की कमी नहीं है। सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए



मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,''प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली औद्योगिक इकाइयों से संपर्क करें। प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हर सप्ताह 3-3 नए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए जाएंगे। भारत सरकार से 750 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित हो गई है, आवश्यकतानुसार और मांग प्रेषित करें। इसमें देरी न हो|




योगी आदित्यनाथ ने कहा कि,'''रेमडेसिविर जैसी जीवनरक्षक दवाओं की कालाबाजारी बड़ा अपराध है। इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट अथवा रासुका के अंतर्गत कठोरतम कार्रवाई की जाए। ऐसे लोगों के बारे में समाज में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए| रेमडेसिविर सहित किसी भी प्रकार की जीवनरक्षक दवाओं की कोई कमी नहीं है।  सभी जिलों में इनकी उपलब्धता सुनिश्चित रखी जाए।  इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं है|




रेमडेसिविर के 20,000 से 30,000 बॉयल आज ही प्रदेश को प्राप्त हो जाएंगे।  आने वाले तीन दिनों के भीतर रेमडेसिविर की नई खेप भी प्राप्त हो रही है।  इनका वितरण पारदर्शितापूर्ण ढंग से किया है।  सभी आपूर्तिकर्ताओं से संवाद कर मांग प्रेषित करें|




प्रदेश में ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली औद्योगिक इकाइयों से संपर्क करें। इनमें MSME इकाइयों की संख्या बहुतायत में है। विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सभी औद्योगिक इकाइयों द्वारा उत्पादित कुल ऑक्सीजन का इस्तेमाल मेडिकल संबंधी कार्यों में ही किया जाए|इन इकाइयों के समीप स्थित अस्पतालों से समन्वय बनाकर इन्हें ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जाए।  औद्योगिक इकाइयों से ऑक्सीजन वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी रखी जाए।  इससे संबंधित मंत्री व अधिकारी इस कार्य को तत्परता से पूरा करें|





प्रदेश में ऑक्सीजन की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। DRDO की सहायता से अगले दो-तीन दिनों में 220 सिलिंडर की क्षमता वाला नया ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर क्रियाशील कर दिया जाएगा| प्रदेश के अलग-अलग स्थानों पर हर सप्ताह तीन-तीन नए ऑक्सीजन प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे।  नवीन प्लांट्स के क्रियाशील होने के बाद प्रदेश में ऑक्सीजन की उपलब्धता और बेहतर हो जाएगी|




भारत सरकार से 750 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आवंटित हो गई है।  ऐसे में आवश्यकतानुसार और मांग प्रेषित करें। इसमें किसी भी प्रकार की देरी न हो| देश के सभी सिलिंडर आपूर्तिकर्ताओं से संवाद स्थापित करें।  आवश्यकतानुसार सिलिंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।  इन कार्यों के लिए धन का कोई अभाव नहीं है सभी अस्पतालों और ऑक्सीजन प्लांट्स में 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।  खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मेडिकल ऑक्सीजन की सुचारु आपूर्ति के संबंध में स्थापित कंट्रोल रूम 24×7 सक्रिय रहें|








tvlnews

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यह रिपोर्ट 19 अप्रैल 2021 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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