मुंबई: महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने प्रस्ताव रखा कि राज्य सरकार को ऐसे हर बच्चे के बैंक खाते में पांच लाख रुपये की एफडी करवाई चाहिए जिनके माता-पिता की मौत कोविड के चलते हुई है। ऐसे बच्चे जिनके एक अभिभावक की मौत हुई है, उन्हें राज्य की बाल सांगोपान योजना के तहक 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जा सकते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की और प्रस्ताव दिया कि राज्य को COVID19 के कारण माता-पिता दोनों को खोने वाले प्रत्येक बच्चे के बैंक खाते में 5 लाख रुपये की सावधि जमा करना चाहिए और उस बच्चे के लिए इसका ब्याज इस्तेमाल किया जा सकता है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री यशोमती ठाकुर ने कहा,''जिन बच्चों के माता-पिता में से एक को खो दिया है, उन्हें महाराष्ट्र सरकार की बाल संगोपन योजना के तहत प्रति माह 2500 रुपये दिए जा सकते हैं। सीएम ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले पर कैबिनेट बैठक में चर्चा की जाएगी और निर्णय लिया जाएगा।
यशोमती ठाकुर ने कहा,''सरकार ऐसे बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की संभावनाओं की ओर भी देख रही है। फाइलें चली गई हैं और बहुत जल्द यह विषय कैबिनेट के सामने आएगा।
कोरोना वायरस महामारी के कारण महाराष्ट्र में लॉकडाउन जैसे प्रतिबंधों को 1 जून के बाद तक के लिए बढ़ा दिया गया है। कोरोना की दूसरी लहर में सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल महाराष्ट्र की स्थिति अब सुधरने लगी है। महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में तेजी से कमी देखी जा रही है। महाराष्ट्र में कम होते कोरोना केस के बावजूद राज्य की उद्धव ठाकरे सरकार किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं दिख रही है।
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। टोपे ने कहा कि जहां तक लॉकडाउन का सवाल है, उसे 15 दिन के लिए बढ़ाया गया है लेकिन इससे संबंधित दिशा निर्देश एक जून को जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उन क्षेत्रों में ढील नहीं दी जाएगी जहां मरीजों की संख्या और संक्रमण की दर अब भी ज्यादा है और अस्पताल में बिस्तर मिलने की समस्या है। इससे पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन जैसी पाबंदियों को एक जून के बाद भी बढ़ाया जाएगा।