मेरठ: कोरोना महामारी के संकट के बीच भारत में कोरोना वायरस के साथ इस ब्लैक फंगस के मरीज भी अब सामने आने लगे हैं। मुंबई और गुजरात के बाद मेरठ में भी ब्लैक फंगस के 2 मरीज पाए गए हैं, जिन्हें एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया गया है। मेडिकल टीम द्वारा उन पर नजर रखी जा रही है। इन मरीजों की पुष्टि डॉक्टर संदीप गर्ग ने की है। हालांकि, दोनों मरीज बिजनौर और मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। जिनको यहां मेरठ के एक निजी अस्पताल न्यूट्रिमा में भर्ती करा दिया गया है।
मेरठ में ब्लैक फंगस के 2 मामले सामने आने पर नोडल अधिकारी पूजा शर्मा ने बताया,''न्यूटिमा में जो 2 ब्लैक फंगस के मामले हैं वे मेरठ के नहीं हैं। इसमें एक बिजनौर का और एक मुजफ्फरनगर का है। ये उत्तर प्रदेश में ब्लैक फंगस के पहले मामले हैं|
मेरठ के न्यूटीमा अस्पताल में कोरोना संक्रमित दो मरीजों में ब्लैक फंगस मिलने की पुष्टि हुई है। मरीज की हालत गंभीर है। इनमें एक मूल रूप से मुजफ्फरनगर निवासी सतीश चंद्र अग्रवाल हैं जिनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था जबकि दूसरे बिजनौर निवासी मनोज सैनी हैं।
वहीँ डॉक्टर संदीप का कहना है कि जहां कोरोना वायरस से मौतें हो रही हैं और वहीं इस तरह के मरीजों का मिलना सही सूचक नहीं है। यह फंगस बहुत ज्यादा खतरनाक है, जो वायु में मिलकर नाक के जरिए मनुष्य के शरीर में चला जाता है। यह फेफड़ों और मस्तिष्क को भी प्रभावित करता है। इससे मरीज की जान भी जा सकती है। ब्लैक फंगस के मरीजों में अक्सर आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा रहता है। न्यूटिमा के डॉक्टर संदीप गर्ग ने बताया कि दोनों मरीज आईसीयू में भर्ती हैं। यह ब्लैक फंगस इन मरीजों में कहां से आया इसके बारे में कहना मुश्किल है।