उत्तर प्रदेश पुलिस के दरोगा अजीत भड़ाना ने BJP MLA व BJP नेताओं पर बड़ा आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया| इसके बाद अजीत भड़ाना ने समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए| बुलंदशहर के वन विभाग में तैनात दरोगा अजीत भड़ाना ने आरोप लगाया कि BJP के कार्यकर्ता चुनाव में वोट पाने के लिए उनका लगातार उत्पीड़न कर रहे हैं| वन दारोगा ने बीजेपी विधायक संगीत सोम और राज्यमंत्री दिनेश खटीक पर भी कई गंभीर आरोप लगाए| वन दरोगा ने यहां तक कह डाला कि बीजेपी वाले मेरा खून चूस रहे हैं और नौकरी देने के बजाय नौकरी ले रहे हैं| विधानसभा चुनाव के सियासी घमासान के बीच यह खबर मेरठ के हस्तिनापुर की है| इस खबर ने बीजेपी के कई बड़े नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है| एक वन दारोगा अजीत भड़ाना इतने परेशान हुए की इस्तीफा ही दे डाला|
अजीत भड़ाना ने बताया कि,'' उन्होंने BJP के कार्यकर्ताओं से तंग आकर पुलिस की नौकरी छोड़ दी है और सपा में शामिल हो गए हैं| ये सब सपा-रालोद गठबंधन प्रत्याशी योगेश वर्मा की मौजूदगी में हुआ| मीडिया से बात करते हुए वन विभाग के दरोगा ने बताया कि वो 1984 से यूपी पुलिस में हैं| अभी उनकी नौकरी में 2 साल बचे थे| लेकिन उससे पहले ही उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला कर लिया|
रविवार 30 जनवरी को मेरठ में एक चुनावी सभा आयोजित की गई थी| इसी सभा में बोलते हुए अजीत भड़ाना ने कहा कि चुनाव के सिलसिले में कभी BJP के विधायक संगीत सोम, तो कभी हस्तिनापुर से राज्य मंत्री दिनेश खटीक के चेले उन्हें फोन कर धमकी देते हैं| पूछते हैं कि इस बार चुनाव में किसे वोट दे रहे हो| सभा में वन दरोगा ने भाजपा नेताओं पर परेशान करने का आरोप लगाते हुए सपा में शामिल होने की घोषणा की है।
दरोगा अजीत भड़ाना ने कहा कि,''“हम समाज के लिए इस्तीफा दे रहा हूं| इन BJP वालों ने मेरा खून पी रखा है| कल अशोक जी का फोन आया| बोले जी कहां हो.. मैंने कहा ड्यूटी पर हूं| पूछा वोट किसे कर रहे हो| मैंने कहा आपका विधायक हमें और हमारे समाज को गाली देता है.,, तो हम वोट क्यों दें? संगीत सोम के चेले फोन करते हैं| कहते हैं आते क्यों नहीं| दिनेश खटीक के चेले फोन करते हैं| अब नाम लेना अच्छा नहीं लगता, क्योंकि हमारे समाज के आदमी हैं,,. तो भाईयो, मैं अपना त्यागपत्र दे रहा हूं|
“ये त्यागपत्र मैंने अपने अधिकारियों को भेज दिया है| ये BJP का शासन गुर्जरों के लिए तो बहुत खराब है...मैं थोड़ी देर में फिर भाषण देने आऊंगा. लेकिन पहले ये वर्दी BJP वालों को दे दूं| ये BJP वाले नौकरी छीनने आए हैं... तो बताओ मैं क्या करूं? मुझे BJP वालो बताओ| अशोक कटारिया जी का फोन आया... मेरे समाज के सम्मानित मंत्री हैं| नौकरी देने से तो रहे, उलटा नौकरी ले रहे हैं| किसी एक बालक को भी नौकरी दी हो या मिल गई हो तो बता दो| वन दरोगा अजीत भड़ाना ने इस्तीफा देते ही सपा भी ज्वाइन कर ली और गठबंधन प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगने का इरादा भी बना लिया|