नागपुर: महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे को नागपुर में कथित करीब 110 करोड़ रुपये के जमीन घोटाला मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने राहत दे दी है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने आज गुरुवार को NIT प्लॉट मामले में सीएम एकनाथ शिंदे को राहत दी है| शासन के नगरीय विकास विभाग ने जमीन निजी व्यक्ति को हस्तांतरित करने के आदेश को रद्द कर दिया है| नागपुर खंडपीठ को आज इस आदेश की जानकारी दी गई।
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच को शहरी शासन के नगरीय विकास विभाग ने 16 दिसंबर को जमीन निजी व्यक्ति को हस्तांतरित करने के आदेश को रद्द कर फिर से झुग्गीवासियों को जमीन उपलब्ध करा दी गई है।
साथ ही, यह भी स्वीकार किया गया कि शहरी विकास विभाग के अधिकारियों ने इस जनहित याचिका के बारे में मुख्यमंत्री को सूचित नहीं किया और यह एक अनजाने में हुई गलती थी। यह मानते हुए कि विवाद का समाधान हो गया है, अदालत ने समाधान के लिए आवेदन का निस्तारण कर दिया।
इस बीच शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने आज गुरुवार को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर 110 करोड़ का भूमि घोटाले का आरोप लगाते हुए इस्तीफे की मांग की है।
शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा,''महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के 110 करोड़ का भूमि घोटाला हम लोगों ने बाहर निकाला। नागपुर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के जो 16 भूखंड गैरकानूनी तरीके से अपने बिल्डर्स को बेच दिया। जब ये पूरा मामला कोर्ट में गया तो कोर्ट ने भी कहा कि ये गैरकानूनी है| संजय राउत ने कहा,''जब वे (मुख्यमंत्री) महाराष्ट्र में नगर विकास मंत्री थे तब उन्होंने ये घोटाला किया और मुख्यमंत्री बनने के बाद उसपर मोहर लगाई है। ये मुद्दा उठता रहेगा, हम चुप नहीं रहेंगे, मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना पड़ेगा|