1 अप्रैल 2026 से PAN के नए नियम: 7 बड़े बदलावों पर सच्चाई, क्या बदला और क्या नहीं
PAN से जुड़े 1 अप्रैल 2026 के नियमों पर चल रहे कई दावों में कुछ सही हैं, लेकिन कुछ अधूरे या गलत भी हैं। सबसे अहम बात यह है कि Income-tax Rules, 2026 अब केवल draft नहीं रहे; इन्हें 20 मार्च 2026 को notify किया जा चुका है और ये 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। Cash deposit/withdrawal के लिए ₹10 लाख वार्षिक threshold, property के लिए ₹20 लाख, vehicle के लिए ₹5 लाख और hotel-event cash bills के लिए ₹1 लाख की शर्त official text में दिखती है। लेकिन insurance पर “कोई limit नहीं” और “नया PAN सिर्फ Aadhaar से बनेगा” जैसे दावे notified rules से मेल नहीं खाते।
सोशल मीडिया पर PAN कार्ड से जुड़े “7 नए नियम” तेजी से शेयर हो रहे हैं, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। जिस ढांचे को पहले Draft Income-tax Rules, 2026 कहा जा रहा था, उसे 20 मार्च 2026 को notify कर दिया गया है और ये नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसलिए चर्चा अब सिर्फ प्रस्तावों की नहीं, बल्कि notified framework की है।
सबसे बड़ा बदलाव cash transactions में दिखता है। notified rules के अनुसार, बैंक या पोस्ट ऑफिस खातों में एक वित्त वर्ष में कुल ₹10 लाख या उससे अधिक cash deposit पर PAN quote करना होगा। यही threshold cash withdrawal के लिए भी लागू है। इससे पुराना day-based compliance framework काफी बदल जाता है और annual aggregate tracking ज्यादा अहम हो जाती है।
Property transactions में भी threshold बढ़ा है। अब purchase, sale, gift या joint development agreement वाली immovable property deal में PAN की अनिवार्यता ₹20 लाख से ऊपर लागू होगी, जबकि पुराने ढांचे में यह सीमा ₹10 लाख थी। यह बदलाव real-estate values बढ़ने और compliance limits को अपडेट करने की दिशा में देखा जा रहा है।
Vehicle purchase के मामले में भी बड़ा बदलाव है। नए नियमों में ₹5 लाख से ऊपर की vehicle deal पर PAN जरूरी होगा, और इसमें motor cycle भी शामिल है। यानी अब सिर्फ car segment नहीं, premium two-wheelers भी PAN compliance के दायरे में आ सकते हैं। दूसरी तरफ, tractor को text में अलग तरह से carve out किया गया है।
Hospitality और event spending पर भी limit बदली है। hotel, restaurant, convention centre, banquet hall या event management से जुड़े cash payment पर PAN तब जरूरी होगा जब bill ₹1 लाख से ऊपर हो। यह threshold पुराने ₹50,000 मानक से ऊंचा है। इसलिए “हर बड़े होटल bill पर PAN” वाला सामान्य दावा अब उसी रूप में सही नहीं है; rule cash payment और revised threshold दोनों पर आधारित है।
Insurance और PAN application को लेकर सबसे ज्यादा भ्रम है। notified rules के official text में insurer के साथ account-based relationship के लिए PAN requirement को ऐसे मामलों से जोड़ा गया है जहां insurance premium ₹50,000 से अधिक हो; इसलिए “हर नई insurance policy पर, बिना किसी premium limit के PAN अनिवार्य” कहना सटीक नहीं है। इसी तरह “अब नया PAN सिर्फ Aadhaar से बनेगा” वाला दावा भी official text से पूरी तरह मेल नहीं खाता। rules में Aadhaar एक महत्वपूर्ण document है, और Aadhaar-based PAN process का प्रावधान भी है, लेकिन Indian citizens के लिए passport, driving licence, voter ID जैसे दूसरे documents भी सूचीबद्ध हैं।
Penalty के मोर्चे पर सख्ती बरकरार है। नए Income-tax Act, 2025 में गलत, फर्जी या quote/authenticate न किए गए PAN/Aadhaar पर ₹10,000 प्रति default penalty का प्रावधान है। पुराने 1961 कानून में इसी तरह की penalty Section 272B के तहत जानी जाती थी; नए कानून में इसका corresponding provision section 467 में दिखता है. कुल मिलाकर निष्कर्ष यह है कि 1 अप्रैल 2026 से PAN rules जरूर बदल रहे हैं, लेकिन वायरल पोस्टों की हर लाइन official notified text जैसी नहीं है। taxpayers के लिए safest approach यही है कि threshold-based compliance को समझें, insurance और Aadhaar वाले दावों को बिना verification न मानें, और final rule text के मुताबिक documentation रखें।
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