जोमैटो से खाना मंगवाना हुआ महंगा: प्लेटफॉर्म फीस ₹2.40 बढ़ी, इटरनल के शेयरों में तेजी
जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस ₹2.40 प्रति ऑर्डर बढ़ाकर ₹14.90 (pre-GST) कर दी है। यह बढ़ोतरी कई बाजारों में लागू है और इससे ऑनलाइन खाना मंगवाना और महंगा हो गया है। इस कदम के बाद इटरनल के शेयरों में भी तेजी दिखी, जिससे संकेत मिला कि बाजार ने इसे निकट अवधि में राजस्व और मार्जिन के लिहाज से सकारात्मक कदम माना।
भारत के ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में शुक्रवार, 20 मार्च 2026, एक अहम बदलाव दर्ज हुआ, जब जोमैटो ने अपने ग्राहकों से वसूली जाने वाली प्लेटफॉर्म फीस ₹2.40 प्रति ऑर्डर बढ़ा दी। इसके बाद कंपनी के ऐप पर यह शुल्क ₹12.50 से बढ़कर ₹14.90 प्रति ऑर्डर दिखाई दिया। यह बढ़ोतरी pre-GST आधार पर है, यानी ग्राहक के कुल बिल पर इसका असर टैक्स सहित थोड़ा और अधिक पड़ सकता है।
यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जोमैटो का संचालन अब इटरनल लिमिटेड के तहत होता है, जिसे पहले Zomato Ltd के नाम से जाना जाता था। कंपनी ने 2025 में अपने कॉरपोरेट नाम को बदलकर Eternal किया था, जबकि उपभोक्ता-facing ब्रांड के तौर पर Zomato नाम बरकरार रखा गया। ऐसे में ऐप पर दिखी यह फीस बढ़ोतरी सीधे food delivery business के economics से जुड़ा संकेत मानी जा रही है।
उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक यह बढ़ोतरी pan-India basis पर लागू की गई है, यानी उन सभी बाजारों में जहां जोमैटो सेवाएं देता है। रिपोर्ट यह भी बताती हैं कि कंपनी ने प्लेटफॉर्म फीस में पिछली बार बढ़ोतरी सितंबर 2025 में की थी। मौजूदा संशोधन के बाद जोमैटो की फीस अब अपने प्रमुख प्रतिद्वंद्वी Swiggy के काफी करीब पहुंच गई है, जो फिलहाल ₹14.99 प्रति ऑर्डर platform fee ले रहा है, हालांकि उसका quoted figure tax-inclusive बताया गया है।
ग्राहकों के लिए इसका सीधा मतलब है कि हर ऑर्डर पर बिल थोड़ा और बढ़ेगा। प्लेटफॉर्म फीस delivery charge, restaurant packaging, taxes और menu price से अलग line item होती है। इसलिए छोटे-छोटे ऑर्डर में भी कुल देय राशि पर इसका असर अपेक्षाकृत ज्यादा महसूस हो सकता है। यह बदलाव ऐसे समय आया है जब food delivery कंपनियां growth और profitability के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।
प्रतिस्पर्धा का पहलू भी इस खबर को और अहम बनाता है। एक ओर Magicpin ने फिलहाल अपनी platform fee नहीं बढ़ाने की बात कही है, वहीं Rapido पहले ही food delivery segment में ऐसे मॉडल के साथ उतरने की तैयारी जता चुका है जिसमें उपभोक्ताओं से platform fee न लेने की बात सामने आई थी। इसका मतलब यह है कि ग्राहकों के लिए कीमत, सुविधा और कुल order value आने वाले महीनों में प्रतिस्पर्धा का बड़ा केंद्र बन सकती है।
शेयर बाजार ने इस बदलाव पर तुरंत प्रतिक्रिया दी। इटरनल का शेयर दिन के निचले स्तर ₹230.10 से उछलकर ₹236.70 तक गया और अंत में ₹232.41 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 1.60% ऊपर था। ट्रेडिंग वॉल्यूम 5.5 करोड़ शेयर से अधिक रहा और कारोबार का मूल्य लगभग ₹1,293 करोड़ बताया गया। यह चाल इस बात का संकेत देती है कि निवेशकों ने शुल्क वृद्धि को निकट अवधि में revenue-supportive माना। हालांकि यह भी ध्यान देने योग्य है कि स्टॉक पिछले छह महीनों में करीब 30% गिर चुका है।
फिलहाल निष्कर्ष साफ है: जोमैटो पर खाना मंगवाना अब पहले से महंगा हो गया है। ग्राहकों के लिए यह बिल में नई बढ़ोतरी है, जबकि निवेशकों के लिए यह unit economics सुधारने की कोशिश का संकेत है। आगे नजर इस बात पर रहेगी कि क्या प्रतिस्पर्धी भी इसी दिशा में कदम बढ़ाते हैं, और क्या उपभोक्ता बढ़ी हुई फीस को स्वीकार करते हैं या सस्ते विकल्पों की तरफ झुकाव बढ़ता है।
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