पटनाः बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष जीतन राम मांझी ने कहा-,'हम राम को नहीं मानते हैं, वो आदमी नहीं था, काल्पनिक है वो| मूर्ति पूजते हैं, देवता पूजते हैं इसलिए आस्था वो है| रामायण लिखी गई है, लेकिन उसमें बहुत सी पंक्तियां हैं जो पढ़ने योग्य हैं, समझने योग्य हैं| उसकी भी कहीं-कहीं हमलोग चर्चा करते हैं, लेकिन राम भगवान थे ये हम मानने को तैयार नहीं|
जीतन राम मांझी ने आगे कहा- माफ कीजिएगा, लेकिन आजकल गरीब तबके के लोगों में धर्म के प्रति लगाव होता जा रहा है| पहले हमलोग सत्यनारायण भगवान पूजा का नाम नहीं जानते थे| आज हर जगह हमलोगों के टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा होता है| लेकिन 'साला' आज हर जगह हमलोगों के टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा होता है| पंडित 'ह@##' आते हैं और कहते हैं कि हम खाएंगे नहीं, हमको नगद ही दे दीजिए"|
दरअसल, राजधानी पटना में शनिवार को भुइयां मुसहर सम्मेलन का कार्यक्रम हुआ था| इस दौरान जीतन राम मांझी ने अपने भाषण के दौरान के अपशब्द का प्रयोग किया.| मांझी ने धर्म के नाम पर हो रही राजनीति का मुद्दा उठाया और उन्होंने पंडितों के लिए कहा कि “आजकल गरीब तबके के लोगों में धर्म की परायणता ज्यादा आ रही है| सत्यनारायण भगवान की पूजा का नाम हम लोग नहीं जानते थे| आज हर जगह हमलोगों के टोला में सत्यनारायण भगवान की पूजा होता है| माझी ने पंड़ितों के लिए कहा कि इतना भी शर्म लाज नहीं लगता है कि पंडित .'ह@##'...आते हैं और कहते हैं कि कुछ नहीं खाएंगे आपके यहां बस कुछ नगद दे दीजिए|