पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपना घोषणापत्र संकल्प पत्र के नाम से जारी किया। गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पटना में भाजपा का घोषणा पत्र जारी कर दिया। इस मौके पर बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव भी मौजूद रहे। भाजपा ने अपने संकल्प पत्र को पांच सूत्र, एक लक्ष्य और 11 संकल्प का नाम दिया है। भाजपा ने हर बिहारवासी को फ्री कोरोना वैक्सीन का वादा किया है| इसके आलावा भाजपा ने 19 लाख रोजगार देने का वादा किया है |घोषणापत्र में एक साल में तीन लाख शिक्षकों की भर्ती शामिल है|
भाजपा के घोषणा पत्र पर तेजस्वी यादव ने कहा,''वित्त मंत्री जी बिहार आई है तो उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने बिहार को विशेष पैकेज और विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं दिया..
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,''बीजेपी के पास चेहरा नहीं है, वित्त मंत्री द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट जारी कराया जा रहा है यानी इनके पास कोई चेहरा नहीं है। वित्त मंत्री से पूछिए कि बिहार को सवा लाख करोड़ का पैकेज कब और कैसे मिला। पूछिए कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा क्यों नहीं मिला..क्या मिलेगा..?
RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा,''CM नीतीश जी कहते हैं कि पैसा कहां से आएगा। एक तरफ कहते हैं कि बिहार सरकार के पास पैसा नहीं है, दूसरी तरफ कहते हैं कि वो नौकरी देंगे, बेरोज़गारी भत्ता देंगे। उनका स्पष्ट बयान सामने नहीं आ रहा है। अगर बिहार सरकार के पास पैसा नहीं है तो उन्होंने 15 साल क्या किया..?
तेजस्वी यादव ने कहा,''बिहार सरकार ने बजट का केवल 60% खर्च किया है। लोग नीतीश जी से ये ही सवाल पूछ रहे हैं कि आपने कोरोना, बाढ़ में अपना चेहरा मोड़ लिया तो अब आप किस आधार पर वोट मांगने आ रहे हैं|
तेजस्वी यादव ने कहा,''नीतीश जी और सुशील मोदी को बजट का कैसे पता चलेगा? इनके कार्यकाल में सृजन, धान, तटबंध घोटाले सहित 30000 करोड़ के 60 घोटाले हुए है। यानि इन्होंने बिहार का 30 हज़ार करोड़ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया। इन घोटालों को स्वयं माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी विगत चुनाव में स्वीकार कर चुके है।हमारी सरकार बिना भ्रष्टाचार पूरी पारदर्शिता से एक एक पैसा सही कार्य में लगाएगी, राज्य की उत्पादकता बढ़ाएगी, पूंजीपतियों को निवेश के लिए आकर्षित कर नए उद्योग लगाएगी और राज्य की आय कई गुणा बढ़ाएगी।
नीतीश-सुशील मोदी जी, आपने-
30000 करोड़ 60 घोटाले में बर्बाद किया
500 करोड़ चेहरा चमकाने हेतु विज्ञापन पर
24500 करोड़ जल जीवन हरियाली के नाम पर कार्यकर्ताओं को बाँट दिया।
10000 करोड़ की समानांतर अवैध इकॉनमी शराबबंदी के नाम पर चला रहे है।
मानव शृंखला पर हज़ारों करोड़ लुटा दिया।
नीतीश जी, आजकल कुछ भी बोल रहे है।शायद वो भूल गए है कि बिहार का वित्तीय बजट 2,11,761 करोड़ है, जिसका 40% उनकी सरकार अपनी ढुलमुल,ग़ैर-ज़िम्मेदारना, भ्रष्ट और लचर नीतियों के कारण खर्च ही नहीं कर पाती है और अंत में नाकामियों के कारण 80 हज़ार करोड़ रुपये हर वर्ष सरेंडर होता है।कोई कार्यकुशल सरकार लगभग 40 फ़ीसदी बजट राशि हर वर्ष सरेंडर क्यों करेगी? आदरणीय नीतीश जी और सुशील मोदी जी, हम इस विशालकाय राशि का प्रयोग आपकी तरह लुभावने जातीय वोट बैंक बनाने की बजाय नए विकास कार्यों और लाखों नई नौकरियों के वेतन के रूप में कर सकते हैं।