नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल में इस सप्ताह फेरबदल हो सकता है| सूत्र बता रहे है 8 जुलाई को केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की संभावना| केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल को लेकर लंबे वक्त से कयास लगाए जा रहे हैं, लेकिन इस हफ्ते मोदी कैबिनेट का विस्तार लगभग तय माना जा रहा है|
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाओं के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह दिल्ली रवाना हो गए हैं। इस बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विोषाधिकार बताया है। उधर, चिराग पासवान ने कहा है कि लोक जनशक्ति पार्टी से पशुपति पारस को मंत्री नहीं बनाया जाना चाहिए।
केंद्रीय कैबिनेट में जेडीयू की भूमिका पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का मामला है। वे जो चाहेंगे वह होगा। उन्होंने मंत्रिमंडल विस्तार के किसी फार्मूले की जानकारी से भी इनकार किया।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार पर बिहार के मुख्यमंत्री और जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने कहा,'''किसी फॉर्मूले की जानकारी नहीं है, हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को इसके लिए अधिकार है। प्रधानमंत्री जो चाहेंगे उसके हिसाब से जो होना होगा, वो होगा|
गौरतलब है कि वर्ष 2019 के आम चुनाव में एनडीए की जीत के बाद, सहयोगी दल, जेडीयू ने कैबिनेट में अपेक्षित संख्या में मंत्री पद न मिलने के मुद्दे पर मोदी सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया था|
अब नीतीश ने कहा,''' (2019 के घटनाक्रम के मुद्दे पर) जो हुआ सो हुआ| जो भी प्रधानमंत्री निर्धारित करेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे| जेडीयू अध्यक्ष आरसीपी सिंह को बीजेपी से बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए अधिकृत किया गया है| इस बार जेडीयू, केंद्रीय कैबिनेट में शामिल होगा|
केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में चिराग पासवान से बगावत कर एलजेपी के एक धड़े के अध्यक्ष बने पशुपति कुमार पारस को मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। इसपर चिराग पासवान ने कहा है कि एलजेपी से निकाले गए सभी पांच सांसद अब निर्दलीय हैं। ऐसे में अगर उन्हें एलजेपी कोटे से मंत्री बनाया जाता है तो उन्हें इसपर आपत्ति है।
गौरतलब है कि अनुप्रिया पटेल, पंकज चौधरी, रीता बहुगुणा जोशी, रामशंकर कठेरिया,वरुण गांधी, ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरसीपी सिंह, लल्लन सिंह, पशुपति पारस,राहुल काँस्वा, सी पी जोशी और सर्वानंद सोनोवाल को भी मंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना है| संभावनाओं के अनुसार, पीएम मोदी के कैबिनेट विस्तार में एक से अधिक मंत्रालय का काम संभाल रहे मंत्रियों के काम का 'बोझ' कम किया जाएगा|
मंत्रिमंडल में नए चेहरों को स्थान दिया जाएगा जबकि अच्छ?? प्रदर्शन नहीं दे रहे कुछ मंत्रियों को हटाया जा सकता है| केंद्रीय मंत्रिमंडल में 81 सदस्य हो सकते हैं, लेकिन इस वक्त मंत्रिमंडल में सिर्फ 53 सदस्य हैं| इसका अर्थ यह हुआ कि 28 सदस्य जोड़े जा सकते हैं| अपने दूसरे कार्यकाल में PM नरेंद्र मोदी पहली बार मंत्रिमंडल विस्तार करने जा रहे हैं, तो वह अगले वर्ष पांच राज्यों में होने जा रहे चुनाव तथा वर्ष 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव को ज़रूर ध्यान में रखेंगे|