प्रयागराज: उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की जमानत याचिका को कल यानी गुरुवार (02 मार्च 2023 को) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया|इलाहाबाद कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि, "ऐसा अपराधी अगर जमानत पर जेल से निकलता है, तो वह केवल गवाहों के लिए ही नहीं बल्कि समाज के लिए भी खतरा होगा।"
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गैंगस्टर और पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे अली अहमद की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि,''2005 में तत्कालीन बसपा विधायक की हत्या के मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल हत्याकांड में अली अहमद का नाम आया है, लिहाजा उसे जमानत नहीं दी जा सकती है। अगर जमानत दी गई तो वह गवाहों और समाज के लिए खतरा होगा|
न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह ने कहा, "आरोपी याचिकाकर्ता एक ऐसे कुख्यात अपराधी और बाहुबली माफिया डॉन का बेटा है, जिसपर 100 से ज्यादा हत्या, अपहरण, फिरौती और प्रॉपर्टी पर कब्जे के मामले दर्ज हैं। "माफिया डॉन अतीक अहमद और उसके परिवार ने अपराध की आय से इस तरह से कई सौ करोड़ की संपत्ति और संपत्ति अर्जित की है।
जस्टिस दिनेश कुमार सिंह ने कहा,"आरोपी याची अली अहमद माफिया बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे में अगर उसे जमानत पर रिहा किया जाता है तो यह न केवल गवाहों के लिए बल्कि समाज के लिए भी खतरा होगा।"
अली अहमद के खिलाफ 31 दिसंबर, 2022 को को प्रयागराज जिले के करेली पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 386 (किसी व्यक्ति को मृत्यु या गंभीर चोट के भय में डालकर जबरन वसूली) के तहत दर्ज आपराधिक अपराधिक मामले दर्ज हैं|
,''बता दें कि प्रयागराज में जनवरी 2005 में तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल (Raju Pal) और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों (संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह) की प्रयागराज के सुलेमसराय में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी|
हमलावरों ने शुक्रवार यानी 24 फरवरी, 2023 की शाम करीब 5 बजे उमेश पाल और उनके 2 सुरक्षाकर्मियों (संदीप निषाद और राघवेंद्र सिंह ) को गोली मार दी थी। इस हमले में उमेश पाल और एक पुलिसकर्मी संदीप निषाद की मौत हो गई थी| बुधवार यानी 1 मार्च को पुलिस कॉन्स्टेबल राघवेंद्र सिंह की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। दूसरे सिपाही की मौत से प्रयागराज शूटआउट में उमेश पाल समेत मरने वालों की संख्या 3 हो गई है।
राघवेंद्र मूत: रायबरेली के रहने वाले थे। उसकी सगाई हो चुकी थी और मई में शादी थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं| कांस्टेबल राघवेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर गुरुवार (02 मार्च 2023 को) उनके पैतृक स्थान पहुंचा। राघवेंद्र सिंह की मां अपर्णा सिंह ने सीएम योगी से अनुरोध की है कि उनके बेटे के हत्यारे को सजा दी जाए। साथ ही अपर्णा सिंह ने कहा,मैं यूपी सरकार से भी अनुरोध करता हूं कि मेरे दो बच्चों के लिए नौकरी प्रदान करें और हमारे परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करें। सीएम के आने तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार|