रायपुर/नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता शरद यादव के निधन पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि,''शरद यादव ने जबलपुर विश्वविद्यालय से अपनी राजनीति की शुरुआत की थी और धीरे-धीरे वो राष्ट्रीय राजनीति में आए। जब तक वो राजनीति में सक्रिय थे तब तक उन्होंने अपने विचारों से भारतीय राजनीति को प्रभावित किया। उनके जाने से एक युग की समाप्ति हुई है|
सीएम भूपेश बघेल ने कहा,''समाजवादी विचारधारा के पुरोधा और हमारे समय के सबसे सुलझे नेताओं में से एक शरद यादव जी का जाना अत्यंत दुखद ख़बर है। वे मेरे राजनीतिक अभिभावक थे। मैंने सामाजिक न्याय का पाठ उनसे ही सीखा। ईश्वर उनके परिजनों को दुख की यह घड़ी सहने की शक्ति प्रदान करें। ॐ शांति:
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कद्दावर नेता शरद यादव का गुरुावार देर रात निधन हो गया| उन्होंने 75 साल की उम्र में अंतिम सांस ली| शरद यादव लंबे समय से बीमार चल रहे थे| उनका इलाज गुरुग्राम के फोर्टिस अस्पताल में चल रहा था।
शरद यादव का जन्म 1 जुलाई 1947 को मध्यप्रदेश के होशंगाबाद के बाबई गांव में किसान परिवार में हुआ था। किसान के घर जन्मे शरद पढ़ने लिखने में काफी तेज थे। छात्र राजनीति से लेकर राष्ट्रीय राजनीति में पहचान बनाने वाले शरद यादव ने बिहार की राजनीति में भी बड़ा मुकाम हासिल किया था। शरद यादव ने मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और फिर बिहार में अपना राजनीतिक परचम लहराया था। वो बिहार की मधेपुरा सीट से कई बार सांसद रह चुके थे। नीतीश कुमार से हुए विवाद के बाद उन्होंने जदयू का साथ छोड़ दिया था।
सात बार लोकसभा के सदस्य रहे शरद यादव
शरद यादव ने बिहार प्रदेश के मधेपुरा लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र से चार बार लोक सभा का प्रतिनिधित्व किया था ,दो बार मध्यप्रदेश के जबलपुर से सांसद चुने गए थे| एक बार उत्तर प्रदेश के बदायूं से लोकसभा के लिए चुने गए और शरद यादव संभवतः भारत के पहले ऐसे राजनेता हैं जो तीन राज्यों मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार से लोकसभा के सदस्य के लिए चुने गए थे।
तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे शरद यादव
बता दें कि शरद यादव तीन बार राज्यसभा के सदस्य भी रहे थे| बिहार के सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के संस्थापक सदस्य रहे शरद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महागठबंधन को समाप्त करने और बीजेपी के साथ हाथ मिलाने के बाद उनका साथ और पार्टी छोड़ दी थी|