रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस के 85वें पूर्ण सत्र राष्ट्रीय महाअधिवेशन के समापन रैली में पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने रविवार को कहा, “ भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार रायपुर में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के अधिवेशन से ठीक पहले पहले उनके नेताओं के घरों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे मारकर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेताओं को दबाव में लाना चाहती थी|
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि, “ छत्तीसगढ़ में हमारे नेताओं पर ईडी और आईटी के छापे पड़ रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि सरकार और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री अच्छा काम कर रहे हैं और पूरे देश में राज्य को एक मॉडल के तौर पर देखा जा रहा है. प्रियंका गांधी ने तीन दिवसीय 85वें पूर्ण सत्र राष्ट्रीय महाअधिवेशन के समापन के मौके पर एक सार्वजनिक रैली ('हाथ से हाथ जोड़ो' जनसभा) में यह बात कही।”
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मीडिया और न्यायपालिका का दमन कर रही है। “वे संसद में कांग्रेस की आवाज भी दबाते हैं। कांग्रेस महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा चाहती है, लेकिन संसद हमारी आवाज को रिकॉर्ड पर भी नहीं लेती है।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि, “ कई मुद्दे हैं चर्चा के लिए लेकिन सरकार बोलने नहीं देती। जब हम बोलते हैं तो संसद के रिकॉर्ड से मिटा दिया जाता है। छत्तीसगढ़ में छापेमारी इसलिए हो रही है क्योंकि यहां के CM छत्तीसगढ़ की शान देश में फैला रहे हैं। ये कांग्रेस पर नहीं आप (छत्तीसगढ़) पर वार है| उन्होंने कहा, 'वे एजेंसियां भेजते हैं और हमें दबाने की कोशिश करते हैं। वे जानते हैं कि हम आगामी चुनावों में फिर से जीतेंगे, इसलिए वे बौखलाए हुए हैं और ऐसा कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव श्रीमती गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अरबपति व्यवसायी गौतम अडानी की भी आलोचना की, और 'सबका साथ, सबका विकास' के भाजपा के नारे को 'मित्र का साथ, मित्र का विकास' कहकर तंज कसा है|
प्रियंका गांधी ने कहा कि, “किसान रोज़ 27 रुपए कमा रहा है लेकिन PM का एक मित्र रोज़ 1600 करोड़ कमा रहा है। युवा बेरोज़गार हैं लेकिन एयरपोर्ट, कोयला, PSU सब PM के मित्र अडानी को दिए गए। 3 साल में 1 लाख 12 हज़ार मज़दूरों ने आत्महत्या की, उन्हीं 3 साल में अडानी की दौलत 13 गुना बढ़ी|
हम ऐसे लोकतंत्र में हैं जहां बोलने की, लिखने की, खाने की आज़ादी खत्म हो गई
रैली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “ केंद्र की भाजपा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से काम नहीं कर रही है।उन्होंने कहा, "हम सरकार के सामने गरीबों, पिछड़ों, महिलाओं और अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की राय रखने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं।" “अगर हम लोगों के लिए कुछ भी बोलते हैं, तो संसद में हमारे भाषण को रिकॉर्ड से हटा दिया जाता है। हमने किसी अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है, हमने सिर्फ अडानी के बारे में सवाल पूछा है।'
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “मोदी साहब कहते हैं न खाऊंगा न खाने दूंगा लेकिन हमारी संपत्ति तो बेच रहे हैं न, ये पैसा तो आपके दोस्त (अडानी) के पास जा रहा है न। ये आपका वही दोस्त है जिसकी प्लेन में बैठकर आप शपथ लेने आए थे। आपने छोटे-छोटे करप्शन रोककर बड़ा करप्शन होने दिया| उन्होंने कहा, "मोदी सरकार ने अडानी को पैसा दे दिया, जो एलआईसी (भारतीय जीवन बीमा निगम) और बैंकों में जमा जनता का पैसा था। "यह हमारा पैसा था, हमारा सार्वजनिक क्षेत्र (PSU) और मोदी के इशारे पर हमारे पैसे से पीएसयू खरीद रहे हैं।"
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि, “ हम ऐसे लोकतंत्र में हैं जहां बोलने की, लिखने की, खाने की आज़ादी खत्म हो गई है।आज कोई सच बोलता है तो उसे जेल भेज दो। मैंने आज तक नहीं देखा कि अधिवेशन चल रहा है और धड़ाधड़ रेड पड़ रहे हैं आप किसे डरा रहे हैं, छत्तीसगढ़ के लोग डरने वाले नहीं है| खड़गे ने आगे कहा कि यह समय भारत के संविधान को बचाने का है। उन्होंने कहा, "अगर संविधान को नहीं बचाया गया तो सबसे ज्यादा पीड़ित पिछड़े, अल्पसंख्यक, आदिवासी और महिलाएं होंगी।"
कांग्रेस के 85वें पूर्ण सत्र राष्ट्रीय महाअधिवेशन के समापन के मौके पर रैली में राजस्थान CM अशोक गहलोत ने कहा कि, “ राहुल गांधी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ में कैपेन के दौरान जो वादे किए थे उसे पूरा किया गया है। चाहे वह कर्जामाफी हो या अन्य हो। राजस्थान में उन्होंने (भाजपा) ने सरकार गिराने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ|