● एक तरफ जहां जनता कोरोना महामारी से परेशान वहीं प्राइवेट हॉस्पिटल वाले कर रहे मनमानी
● स्वास्थ्य मंत्री के कस्बे में प्राइवेट हॉस्पिटल आशाओं के बल पर कर रहे अवैध वसूली
● मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के खैरा खास गांव की गरीब महिला मंजू की हुई नॉर्मल डिलीवरी
● गरीब महिला के साथ हो रही अवैध वसूली
● महिला की सास का आरोप ओझवाजोत गांव की आशा का पति डिलीवरी कराने लेकर आया यहाँ
सिद्धार्थनगर: जनपद सिद्धार्थ नगर के तहसील बांसी अंतर्गत स्थित प्रतापनगर मोहल्ले के एक प्राइवेट अस्पताल के डाक्टर ने एक गरीब महिला से नॉर्मल डिलीवरी होने पर भी 9000 रुपए फीस की मांग की जो की एक साधारण व्यक्ति के लिए कमरतोड़ है फिर तो वह ठहरी एक गरीब महिला।
इस संबंध मे प्राप्त सूचना के अनुसार जनपद के थाना क्षेत्र मिश्रौलिया के ग्राम खैराखास की एक गरीब महिला जिसका नाम मंजू है का नॉर्मल डिलीवरी बांसी कस्बे में स्थित प्रतापनगर मोहल्ले के आइकॉन अस्पताल में हुआ। यह डिलीवरी का केस ओझवाजोत निवासी आशा का पति इस अस्पताल में डिलीवरी कराने के लिए लाया था । किंतु पहले फीस के बारे में कुछ नहीं बताया गया लेकिन डिलीवरी होते ही फीस के नाम पर 9000 रुपए डॉक्टर के द्वारा मांगा गया ।
जबकि डिलीवरी के समय नर्स व अन्य स्टाफ को दवा इत्यादि के लिए जो कुछ मांगा गया वह सब मंजू की सास कृष्णा देती गई । इसके आलावा फ़ीस के नाम पर 9000 रुपया और देना उसके लिए मुसीबत बन गई है।
उक्त सभी आरोप पीड़िता मंजू की सास कृष्णा ने लगाया है और मिडिया से आग्रह किया है की हमारी आवाज शासन प्रशासन तक पहुंचाई जाए जिसे हम गरीबों को भी न्याय मिल सके।
रिपोर्ट- सत्येन्द्र उपाध्याय