आज के हालात पर डॉ एम डी सिंह की कविता-युगों तक साथ चलना संभावनाओं से कहो बचकर रहें----------
युगों तक साथ चलना संभावनाओं से कहो-----
युगों तक साथ चलना संभावनाओं से कहो बचकर रहें
उन्हें अभी बहुत कहना सूचनाओं से कहो बचकर रहें
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दिख रही हैं हर तरफ से यूँ घेरे हुए जो हमको खड़ी
अभी बहुत बाकी देखना दिशाओं से कहो बचकर रहें
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चली आ रहीं चली जा रहीं सांसों की गलियों में बिंदास
लग रहना सीने से उन्हें हवाओं से कहो बचकर रहें
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कहीं नीदें रातों से मिलकर षडयंत्र कोई ना रच दें
उनको आ है जगाना स्वप्नसखाओं से कहो बचकर रहें
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कुछ भी घटित अघटित हो सारी दुनिया में चाहे जब कहीं
हर घड़ी उनको आना प्रार्थनाओं से कहो बचकर रहें|
डॉ एम डी सिंह
पीरनगर, गाजीपुर (UP)