तिरुवनंतपुरम: केरल के तिरुवनंतपुरम के लातवियाई पर्यटक के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में दोनों अभियुक्तों उमेश और उदयकुमार को अतिरिक्त प्रधान सत्र अदालत ने मंगलवार , 6 दिसंबर, 2022 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। 33 वर्षीय लातवियाई पर्यटक 14 मार्च 2018 को वर्कला से लापता हुई थी और उनका शव 20 अप्रैल, 2018 को मिला था।
लातवियाई उत्तरपूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है| 33 वर्षीय लिगा स्क्रोमाने अपने पति एंड्रयू और छोटी बहन के साथ मार्च, 2018 में केरल आई थी।14 मार्च 2018 को तिरुवनंतपुरम के वर्कला स्थित आयुर्वेदिक उपचार केंद्र से लापता हो गई थी। एक महीने बाद, 20 अप्रैल को कोवलम समुद्र तट के पास जंगल से महिला का 'सड़ा हुआ' शव बरामद हुआ था।
गांजा पिलाकर किया था दुष्कर्म
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म के बाद गला घोंटने की बात सामने आई। जांच के बाद पुलिस ने तिरुवनंतपुरम के पास पनथुरा के रहने वाले दो युवकों उमेश (28) और उदयन (24) को गिरफ्तार किया था। वे अवैध रूप से गाइड के रूप में काम कर रहे थे। युवकों ने महिला को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए, उसे गांजा पिलाया (धोखे से गांजा भरी सिगरेट) और फिर दुष्कर्म किया और उसका गला घोंट दिया।
जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं: केरल पुलिस
लातवियाई पर्यटक से बलात्कार/ मर्डर केस में आज मंगलवार , 6 दिसंबर, 2022 को दोनों दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। केरल पुलिस के जांच अधिकारी जेके बिनिल ने बताया कि,'' पीड़िता को न्याय दिया गया है। जांच बेहद चुनौतीपूर्ण थी क्योंकि कोई चश्मदीद गवाह नहीं था| पीड़िता के लापता होने के 38 दिन बाद शव बरामद किया गया था| लेकिन हमने तदनुसार जांच की योजना बनाई और मामले की गुत्थी सुलझाते हुए पीड़िता को न्याय दिलाया।