मुख्य सामग्री पर जाएँ
25 अगस्त 2026

जोशीमठ भूस्खलन को लेकर धामी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक: करीब 600 घरों में आई दरारें, जमीन से कीचड़ के साथ निकल रहा पानी; प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग तैयार करने के आदेश

चमोली: Joshimath land subsidence: उत्तराखंड के चमोली ज़िले के जोशीमठ में करीब 600 घरों में दरारें आ गई हैं और मारवाड़ी के जेपी कॉलोनी में भूमिगत से पानी का रिसाव हो रहा है। जोशीमठ में जमीन धंसने और म…

जोशीमठ भूस्खलन को लेकर धामी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक: करीब 600 घरों में आई दरारें, जमीन से कीचड़ के साथ निकल रहा पानी; प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग तैयार करने के आदेश
जोशीमठ भूस्खलन को लेकर धामी ने शीर्ष अधिकारियों के साथ की बैठक: करीब 600 घरों में आई दरारें, जमीन से कीचड़ के साथ निकल रहा पानी; प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग तैयार करने के आदेश | फ़ोटो: TVL News

चमोली: Joshimath land subsidence: उत्तराखंड के चमोली ज़िले के जोशीमठ में करीब 600 घरों में दरारें आ गई हैं और मारवाड़ी के जेपी कॉलोनी में भूमिगत से पानी का रिसाव हो रहा है। जोशीमठ में जमीन धंसने और मकानों में दरारें आने को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर बद्रीनाथ हाईवे को जाम कर दिया। इस बीच उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ में जमीन धंसने और मकानों में दरार के कारणों का पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम बनाई है। 



मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर गठित टीम में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, वाडिया संस्थान और IIT रुड़की के इंजीनियरों को शामिल किया गया है। जोशीमठ में भू-धंसाव को देखते हुए गढ़वाल आयुक्त सुशील कुमार, आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा सहित विशेषज्ञों की टीम प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कर रही है|



इस बीच मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली ज़िले के जोशीमठ में भूस्खलन और मकानों में दरार के संबंध में राज्य सचिवालय में शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की।


जान माल की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी: धामी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा,' अभी प्रभावित परिवारों और प्रभाव क्षेत्र में आने वाले मकानों में रहने वाले लोगों को सबसे पहले सुरक्षित किया जाएगा। राहत बचाव का कार्य पूरी निगरानी में किया जा रहा है। दीर्घकाली और तत्काली स्थिति में लोगों के लिए अच्छा काम कैसे करें इस पर बात हुई है| निकट भविष्य में पुनर्वास की क्या नीति होगी उन पहलुओं पर बात हुई। लोगों की हर संभव मदद की जाएगी। जान माल की सुरक्षा सबसे ज्यादा जरूरी है। हम अध्ययन भी कर रहें हैं कि पानी का रिसाव कहां से हो रहा है। विभिन्न संस्थानों की मदद ली जा रही है|



एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सुरक्षा बल अलर्ट पर

जोशीमठ-औली रोपवे का संचालन अगले आदेश तक बंद। जोशीमठ प्रशासन ने एनटीपीसी और एचसीसी को 4000 प्री-फैब्रिकेटेड हाउस उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। जोशीमठ नगर क्षेत्र से 43 परिवारों को अस्थाई रूप से सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है. एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और सुरक्षा बल अलर्ट पर है| जिला प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को शिफ्ट करने के लिए एनटीपीसी और एचसीसी को 2000-2000 प्री-फैब्रिकेटेड बिल्डिंग तैयार करने के आदेश जारी किए हैं।


प्रभावित लोगों को रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा रहा

गढ़वाल डिवीजन के डिविजनल कमिश्नर सुशील कुमार ने कहा, "हम यहां स्थिति का निरीक्षण कर उसका उपाय करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं। कुछ क्षेत्रों में नीचे से पानी आने की वजह से दरारें आई हैं। मकानों और सड़कों पर जो दरारें आई हैं, उनका आकलन किया जा रहा है|



गढ़वाल संभाग के संभागायुक्त ने कहा, " प्रभावित लोगों को रैन बसेरों में शिफ्ट किया जा रहा है। भूस्खलन से क्षतिग्रस्त होटलों में पर्यटकों के ठहरने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं। कुछ इलाकों में जमीन के नीचे से पानी आने से दरारें आ गई हैं|


अब तक जो दरारें पड़े थे वो और बड़े हो गए, नए दरारें भी पड़े...

आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा, " हमने सर्वे किया जहां नई दरारें आई हैं, कुछ होटल झुके हैं, कुछ जगहों पर नए जल स्रोत उभरे हैं| सिन्हा ने कहा, "अब तक जो दरारें पड़े थे वो और बड़े हो गए हैं और नए दरारें भी पड़े हुए हैं, जमीन से जो कीचड़ के साथ पानी निकल रहा है वो बहुत खतरनाक है। जिनके घर बहुत क्षतिग्रस्त हुए हैं उन्हें वहां से हटा रहें और जो घर कम क्षतिग्रस्त हुए हैं उसे ठीक कर रहे हैं|



उन्होंने कहा,''भूमिगत से आने वाला पानी खतरनाक होता है क्योंकि यह एक निर्वात पैदा करता है और डूबने का कारण बनता है। हमें प्रभावित लोगों को खाली करना और स्थानांतरित करना है। हमें कठोर भवन निर्माण उपनियमों को विनियमित करना और बनाना है। हम यहां किस प्रकार के आवासीय ढांचे का निर्माण किया जाना चाहिए, इस पर एक शासनादेश जारी करेंगे।





tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 6 जनवरी 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 9 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

इस क्षेत्र की और खबरें कहाँ पढ़ें?

इस क्षेत्र की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।