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24 अगस्त 2026

जोशीमठ भू-धंसाव: अपने घरों को खाली कर रहे स्थानीय लोग, सेना की 28 इमारतों में भी आई दरारें; अब तक 169 परिवारों को किया गया स्थानांतरित

जोशीमठ: Joshimath Sinking Row: उत्तराखंड के जोशीमठ भू-धंसाव के चलते स्थानीय लोग अपना घर खाली कर रहे हैं। एक स्थानीय ने बताया, "हम अपने घर से सामान निकाल रहे हैं। प्रशासन ने हमें कोई जगह नहीं बताई जहा…

जोशीमठ भू-धंसाव: अपने घरों को खाली कर रहे स्थानीय लोग, सेना की 28 इमारतों में भी आई दरारें; अब तक 169 परिवारों को किया गया स्थानांतरित
जोशीमठ भू-धंसाव: अपने घरों को खाली कर रहे स्थानीय लोग, सेना की 28 इमारतों में भी आई दरारें; अब तक 169 परिवारों को किया गया स्थानांतरित | फ़ोटो: TVL News

जोशीमठ: Joshimath Sinking Row: उत्तराखंड के जोशीमठ भू-धंसाव के चलते स्थानीय लोग अपना घर खाली कर रहे हैं। एक स्थानीय ने बताया, "हम अपने घर से सामान निकाल रहे हैं। प्रशासन ने हमें कोई जगह नहीं बताई जहां हम अपना सामान रख सकें। हम अपनी ज़िम्मेदारी पर किराए के कमरों में सामान रख रहे हैं जिससे वह सुरक्षित रह सके।"



जोशीमठ में प्रशासन द्वारा मलारी इन होटल को ध्वस्त किया जाएगा जहां भूमि धंसने के कारण इमारतों और संरचनाओं में खतरनाक रूप से दरारें पड़ गई हैं। मलारी इन के मालिक ठाकुर सिंह राणा ने कहा,'' बगल के होटल की इमारत से इतना दबाव है कि मेरा होटल ढहने वाला है। मैं बेबस हूँ, कुछ कह नहीं सकता। अगर उनके होटल को तोड़ा जा रहा है तो क्या कोई खुश हो सकता है?|



चमोली डीएम ने कहा,''जोशीमठ में 2 असुरक्षित इमारतों को गिराने के लिए सभी हितधारक सहमत हो गए हैं और प्रक्रिया शुरू हो गई है। सीबीआरआई ने कहा है कि इन इमारतों को गिराने में एक सप्ताह का समय लगेगा। प्रभावितों के पुनर्वास पैकेज पर चर्चा के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित की गई|


क्षतिग्रस्त होटलों को तोडऩे की प्रक्रिया शुरू...

आईजी गढ़वाल ने कहा,'एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, सिविल पुलिस और स्थानीय प्रशासन यहां हैं। लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिन होटलों को तोड़ा जाना है, उनके पास के क्षेत्र में सभी गतिविधियों को रोक दिया गया है। क्षतिग्रस्त होटलों को तोडऩे की प्रक्रिया शुरू..



बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा के लिए 2.14 करोड़ रुपये जारी

उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा,''आपदा राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ की आठ टीमें जोशीमठ में तैनात हैं। बिजली के तारों और खंभों की सुरक्षा के लिए 2.14 करोड़ रुपये जारी किए गए। एनडीआरएफ की दो टीमें भी हैं, एक टीम रास्ते में है| अगर कोई भी स्थिति आती है तो सेना का हेलीकॉप्टर स्टैंडबाय पर है और हमारा हेलीकॉप्टर भी स्टैंडबाय पर है। सेना की यूनिट भी है तैयार|


589 लोगों  को अब तक स्थानांतरित किया गया

सिन्हा ने कहा,''169 परिवारों - 589 लोगों - को अब तक स्थानांतरित किया गया है। अब तक 73 परिवारों को सामान्य खर्च के लिए 5000 रुपये प्रति परिवार - कुल 3,65,000 रुपये। एसडीआरएफ प्रावधानों के अनुसार अब तक 10 परिवारों को 1,30,000 रुपये प्रदान किए गए - कुल 13 लाख रुपये| अब तक 3 परिवारों को 4000 रुपये का मकान किराया प्रदान किया गया है|



केंद्र सरकार पूरा सहयोग कर रही है: राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,''उत्तराखंड की सरकार जोशीमठ पर समाधान निकालने का प्रयास कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसको देख रहे हैं। केंद्र सरकार भी पूरा सहयोग कर रही है। मैंने रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट को वहां भेजा था, आगे जरूरत पड़ी तो वहां जाएंगे|


अंतरिम सहायता के रूप में 1.5 लाख रुपए की राशि लोगों के खातों में भेज रहे हैं:धामी

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा,''मैंनें व्यापारी संगठन, निर्वाचित प्रतिनिधी आदि से मुलाकात की और उनको हर संभव मदद पहुंचाने की बात कही है। हम अंतरिम सहायता के रूप में 1.5 लाख रुपए की राशि लोगों के खातों में भेज रहे हैं। कमेटी तय करेगी कि और अच्छे से अच्छा रेट देंगे|


सेना की 28 इमारतों में आई दरारें

जोशीमठ भू-धंसाव पर सेना प्रमुख ने कहा,''हमने अस्थाई तौर पर अपने जवानों को स्थानांतरित किया है। सेना प्रमुख ने कहा, "25 से 28 बिल्डिंगों (सेना की) में मामूली दरारें आई हैं और सैनिकों को अस्‍थायी तौर पर स्‍थानांतरित किया जा रहा है| अगर जरूरत पड़ी तो हम औली में अपने जवानों को स्थाई तौर पर तैनात करेंगे। जोशीमठ से माणा जाने वाली रोड पर कुछ दरारें हैं जिसे BRO ठीक कर रहा है। इससे हमारी ऑपरेशनल रेडीनेस पर कुछ असर नहीं पड़ा है|


सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने कहा,''जहां तक स्थानीय लोगों को मदद पहुंचाने की बात है तो हमने अपने अस्पताल, हेलीपैड आदि सिविल प्रशासन को दिए हैं जिससे वे लोगों को अस्थाई तौर पर लोगों को स्थानांतरित कर सकें|






tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

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यह रिपोर्ट 12 जनवरी 2023 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 22 अगस्त 2026 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

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