वारंगल: तेलंगाना के वारंगल में सभा' को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा , ,''ये जो आपका प्रदेश है, नया प्रदेश है तेलंगाना। ये आसानी से नहीं बना, इस प्रदेश को बनाने के लिए तेलंगाना के युवाओं ने, तेलंगाना की माताओं ने अपना खून, अपने आंसू दिए थे| ये प्रदेश किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं बना था, ये तेलंगाना की जनता का एक सपना था| राहुल गांधी ने कहा , मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि तेलंगाना का जो प्रगति का सपना था, उस सपने का क्या हुआ? पूरा तेलंगाना देख सकता है कि एक परिवार को जबरदस्त फायदा हुआ। मैं आपसे पूछना चाहता हूं कि तेलंगाना की जनता को क्या फायदा मिला|
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा,''मैं तेलंगाना की जनता से पूछना चाहता हूं कि क्या आपको रोजगार मिला| आज यहाँ किसान की विधवा स्टेज पर हैं, रो रही हैं, ये किसकी जिम्मेदारी है? ये अकेली नहीं हैं, ऐसी तेलंगाना में हजारों बहनें हैं, जिनके पतियों ने आत्महत्या की है। ये किसकी जिम्मेदारी है?|
राहुल गांधी ने कहा,'''आपने अपने सपने को पूरा करने के लिए अपना खून और आंसू दिए। आप लड़े, हम भी आपके साथ खड़े थे। कांग्रेस पार्टी ने भी आपके साथ लड़ाई लड़ी और अंत में कांग्रेस पार्टी ने और सोनिया गांधी जी ने प्रदेश बनाकर तेलंगाना की जनता को दिया| ये काम कांग्रेस पार्टी के लिए आसान नहीं था। कांग्रेस पार्टी को नुकसान हुआ, हमें मालूम था कि हमें नुकसान होने जा रहा है। मगर हम तेलंगाना की जनता के साथ खड़े हुए। हमने आपको नया प्रदेश दिया|
आपने सोचा था कि तेलंगाना की जनता की सरकार बनेगी, किसानों की, मजदूरों की, गरीबों की सरकार बनेगी। मगर पता चला कि जनता की सरकार नहीं बनी। आज तेलंगाना में कहा जाता है कि ये चीफ मिनिस्टर नहीं ये राजा हैं| राजा और मुख्यमंत्री में क्या फर्क होता है? - मुख्यमंत्री जनता की आवाज को सुनता है - राजा जनता की आवाज को नहीं सुनता, अपने निर्णय थोपता है|
राहुल गांधी ने कहा,''मुख्यमंत्री लोकतंत्र में भरोसा करता है, जनता की आवाज सुनकर निर्णय लेता है। राजा का लोकतंत्र से कोई लेना-देना नहीं होता, जो राजा के दिल में आता है, वो राजा कर देता है। ये फर्क मुख्यमंत्री और राजा में होता है|
छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार है। चुनाव के समय हमने दो बड़े वादे किए थे। - हम छत्तीसगढ़ के किसानों का कर्जा माफ करके दिखा देंगे - धान को ₹2500 रु. प्रति क्विंटल खरीदेंगे छत्तीसगढ़ में हमने ये वादे पूरे किए हैं|
राहुल गांधी ने कहा,'''तेलंगाना के मुख्यमंत्री किसानों की आवाज नहीं सुनते, वह सिर्फ 2-3 उद्योपतियों की आवाज सुनते हैं| तेलंगाना का किसान कह रहा है कि मिर्ची के लिए, धान के लिए हमें सही दाम चाहिए और हमारा कर्जा माफ होना चाहिए|
राहुल गांधी ने कहा,''तेलंगाना के किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है- - आपका ₹2 लाख तक का कर्जा माफ होगा - आपको सही MSP मिलना शुरु हो जाएगी ये काम आपको कुछ महीने में कांग्रेस पार्टी करके देगी| ये खोखले शब्द नहीं हैं, ये तेलंगाना के सपने को पूरा करने की तरफ पहला कदम है। किसानों की मदद और किसानों की रक्षा के बिना तेलंगाना का सपना पूरा नहीं हो सकता|
हमने वारंगल डिक्लेरेशन किया, उसमें हमने किसानों से वादे किए। - कर्ज माफी - एम.एस.पी. - ₹15,000 प्रति एकड़ डायरेक्ट बेनिफिट किसानों को देंगे ये सिर्फ एक डिक्लेरेशन नहीं, ये किसानों के लिए कांग्रेस पार्टी की गारंटी है| कांग्रेस का हर नेता, हर कार्यकर्ता इस बात को अच्छी तरह समझे- जिस व्यक्ति ने तेलंगाना के साथ धोखा किया है, तेलंगाना से चोरी की है, तेलंगाना के सपने को नष्ट किया है। उसके साथ कांग्रेस पार्टी का समझौता नहीं होगा |हमारी विचारधारा की लड़ाई है, हम राजा से समझौता नहीं करेंगे। हम टीआरएस को चुनाव में हराएंगे और कांग्रेस-टीआरएस के बीच सीधी लड़ाई होगी| जिस व्यक्ति ने तेलंगाना के सपने को नष्ट किया। तेलंगाना के किसानों से, युवाओं से लाखों-करोड़ रुपये चोरी किए, उसको हम माफ नहीं करने वाले|