कोलकाता: केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार में टकराव के बीच पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलापन बंदोपाध्याय ने पद और सिविल सेवा से इस्तीफा दे दिया है, उन्हें अब मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया गया| केंद्र सरकार द्वारा 31 मई तक दिल्ली आने के फरमान के बीच यह फैसला लिया गया| ममता बनर्जी ने बंदोपाध्याय को तीन साल के लिए अपना निजी सलाहकार नियुक्त किया है|
ममता बनर्जी ने कहा कि वह अलापन बनर्जी (अलापन बंदोपाध्याय) को नाबन्ना नहीं छोड़ने दूंगी। मालूम हो कि,''नाबन्ना बंगाल सरकार के मुख्यालय को कहा जाता है। केंद्र सरकार द्वारा पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय के दिल्ली तबादले और उन्हें सोमवार को दिल्ली पहुंचने के आदेश की अवज्ञा करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बड़ा दांव चल दिया। ममता बनर्जी ने कहा कि चूंकि अलापन बंदोपाध्याय आज रिटायर हो गए हैं, इसलिए उन्हें अब मुख्यमंत्री का मुख्य सलाहकार नियुक्त कर दिया गया है। वे अगले तीन साल तक पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार रहेंगे।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हमें भारत सरकार से एक पत्र मिला है (28 मई को जहां मुख्य सचिव को वापस बुलाया गया था)। हमने इसका जवाब दिया है| मुख्य सचिव के सेवा विस्तार पर सीएम बनर्जी ने कहा, 'यह मेरे हाथ में नहीं है, समय आने पर मामले पर जवाब देंगे|
सीएम बनर्जी ने कहा,''हमें अभी आईएएस कैडर नियमों से एक पत्र मिला है; भारत सरकार ने अलापन को कल (मंगलवार) शामिल होने के लिए कहा है। सेवा विस्तार का उद्देश्य पूरा नहीं हुआ| चूंकि अलप्पन बनर्जी आज 31 मई को अपनी सेवा से सेवानिवृत्त हुए हैं, इसलिए वह दिल्ली में शामिल नहीं होने जा रहे हैं
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि,,''अलपन बनर्जी (अलप्पन बंदोपाध्याय) को नाबन्ना नहीं छोड़ने दूंगी। वह अब मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार हैं|हमने एचके द्विवेदी को नया मुख्य सचिव और बीपी गोपालिका को नया गृह सचिव नियुक्त किया है|