रौनाही थाना क्षेत्र के ड्योढ़ी मार्ग के किनारे परशुरामपुर के पास बौर से भरे लगभग 20 आम के पेड़ों का दो दिनों में सफाया कर दिया गया।
सोमवार को भी ऐसे हरे-भरे पेड़ों पर लकड़ी ठेकेदार के कर्मी पेड़ काटने की मशीन लिए जुटे रहे।
लोक निर्माण विभाग की भूमि पर काटे गए विशालकाय इन पेड़ों की बाबत किसी ने निगाह नहीं डाली। वन विभाग ही नहीं, पुलिस के जिम्मेदारों ने भी आंखें बंद रखी।
वन विभाग के सोहावल रेंज में पेड़ों के सफाया का खेल यह कोई नया नहीं है। यह बीते वर्षों से चल रहा है।
हरे-भरे आम की बाग में भूमाफिया पहले प्लाटिंग कर प्लाट बेचते हैं और रातों-रात पेड़ों की कटिंग का बहाना बना एक-एक कर साफ कर देते हैं।
मंगलसी हाइवे के किनारे की बड़ी बाग हो या रौनाही, मुहम्मदपुर, महोली आदि की बाग, सैकड़ों पेड़ों का अब तक सफाया हो चुका है।
आरोप है कि रविवार को ड्योढ़ी मार्ग पर काटे गए पेड़ों की जड़ों को मिट्टी से ढक कर लकड़ी ठेकेदार उठा ले गया।
आम के बौर सीजन में इनकी परमिट के लिए शासन भी इजाजत नहीं देता,
लेकिन लोक निर्माण विभाग से बिना नीलामी लिए मिलीभगत कर 10 पेड़ों की परमिट बता 20 से ज्यादा पेड़ काटकर उठा लिए गए।
सवाल यह है कि लोक निर्माण विभाग की नीलामी कब और कितने पेड़ों की थी, जिसे छिपाया जा रहा है। इसका कोई जवाब नहीं दे रहा है।