अयोध्या : राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर राम मंदिर के लिए जमीन खरीदने में भ्रष्टाचार और घोटाले का आरोप लगा है।आरोप है कि ट्रस्ट के सचिव चंपत राय ने, जो जमीन कुछ समय पहले सिर्फ दो करोड़ रुपये में बिकी थी, उसी जमीन को कुछ वक्त बाद 18.5 करोड़ रुपये में खरीद कर बड़ा घपला किया| हालांकि भ्रष्टाचार के आरोप पर राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। चंपत राय ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया ।ये आरोप अयोध्या के पूर्व सपा विधायक और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे और आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने लगाए हैं|
राम मंदिर की जमीन की खरीद में घोटाले के आरोप पर रामलला के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि,'' जिस प्रकार का आरोप लग रहा है इसका उत्तर ट्रस्ट को देना चाहिए। केवल 5 मिनट में 2 करोड़ की संपत्ति 18.5 करोड़ की खरीदी जाती है, इतनी महंगी जमीन विश्व में कहीं नहीं होगी। इसकी जांच हो|
वहीँ राम मंदिर की जमीन की खरीद में घोटाले के आरोप पर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक बयान जारी कर कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए अभी तक जितनी भी जमीनें खरीदी गई हैं, उनकी कीमत खुले बाजार से काफी कम है| उन्होंने कहा कि राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित लोग जमीन खरीद के संबंध में समाज को गुमराह करने के लिए भ्रामक प्रचार कर रहे हैं|
दो करोड़ में खरीदी गई जमीन 10 मिनट बाद साढ़े 18.5 करोड़ में एग्रीमेंट क्यों हुआ?: पवन पांडे
अयोध्या के पूर्व विधायक और सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले में आरोप लगाए हैं| सपा सरकार में राज्य मंत्री रहे तेज नारायण पांडे उर्फ पवन पांडे ने आरोप लगाया है कि 2 करोड़ में जमीन का बैनामा हुआ और उसी दिन फिर साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट हुआ| एग्रीमेंट और बैनामा दोनों में ही ट्रस्टी अनिल मिश्रा और मेयर ऋषिकेष उपाध्याय गवाह हैं| 18 मार्च 2021 को ही करीब पहले बैनामा भी हुआ और फिर एग्रीमेंट भी, जिस जमीन को दो करोड़ में खरीदा गया उसी जमीन का 10 मिनट बाद साढ़े 18 करोड़ में एग्रीमेंट क्यों हुआ?
समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने मीडिया के सामने रजिस्ट्री के दस्तावेज पेश कर आरोप लगाया कि रामजन्मभूमि की जमीन से लगी एक जमीन पुजारी हरीश पाठक और उनकी पत्नी ने 18 मार्च की शाम सुल्तान अंसारी और रवि मोहन को दो करोड़ में बेची थी| वही जमीन सिर्फ चंद मिनट बाद चंपत राय ने राम जन्मभूमि ट्रस्ट की तरफ से 18.5 करोड़ रुपये में खरीद ली|
पवन पांडे का दावा है कि 17 करोड़ RTGS किया गया, किन-किन खाते से पेमेंट हुआ इसकी भी जांच होनी चाहिए| प्रभु श्री राम के नाम पर जमीन खरीद में भ्रष्टाचार हो रहा है| 12080 वर्ग मीटर यानि 1.208 हेक्टेयर जमीन का बैनामा और एंग्रीमेंट हुआ बाबा हरिदास ने सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को बेचा और उसी को और उसी को ट्रस्ट ने खरीदा| 10 मिनट में जमीन की कीमत 16 करोड़ बढ़ गई|
वन पांडेय ने कहा, 'मैं भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहा हूं| ऐसी कौन सी वजह थी| उस जमीन ने 10 मिनट के अंदर कौन सा सोना उगल दिया कि जिस जमीन का बैनामा दो करोड़ में हुआ था, 10 मिनट बाद वह जमीन 18.5 करोड़ रुपये की हो गई|
पांच मिनट में 2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ की हो गई: AAP
आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि,'' पांच मिनट में 2 करोड़ की ज़मीन 18.5 करोड़ की हो गई, मतलब प्रभु श्री राम के मंदिर निर्माण के लिए करोड़ो लोगो द्वारा दिए गए चंदे को अपना घर भरने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है, इस घोटाले की जांच CBI-ED से होनी चाहिए।
संजय सिंह ने कहा कि,'''रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी ने शाम 7:10 PM पर 2 करोड़ की ज़मीन ख़रीदी शाम 7:15 PM पर राम जन्म भूमि ट्रस्ट के चम्पत राय ने 18.5 करोड़ में उनसे ये ज़मीन ख़रीद ली। क्या दुनिया में कहीं 5.50 लाख रु प्रति सेकेण्ड ज़मीन महँगी होते देखा है.... ये काम किया है चंदा_चोर_चम्पत ने|
श्री राम जन्म भूमि न्यास में घोटाला, मर्यादा परूषोत्तम प्रभु श्री राम के नाम पर ज़मीन ख़रीद में भारी घोटाला... 2 करोड़ की ज़मीन ट्रस्ट के चम्पत राय ने 5 मी. बाद 18.5 करोड़ में ख़रीदी ये देश के करोड़ों लोगों की आस्था पर आघात है मोदी जी ED CBI से जाँच कराकर घोटाले बाजों को जेल में डालो।