कोलकाता: पश्चिम बंगाल भाजपा नेता और राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुवेंदू अधिकारी ने पार्टी विधायकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ राज्यपाल जगदीप धनखड़ से कोलकाता में राजभवन में मुलाकात की और उन्हें बंगाल में हो रही कई अनुचित घटनाओं से अवगत कराया और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर बात की।
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा, प्रतिपक्ष के नेता शुवेंदू अधिकारी सहित प्रतिपक्ष के 50 विधायकों ने मुझे एक ज्ञापन दिया है और उस ज्ञापन में उन्होंने पश्चिम बंगाल की भयावह स्थिति का वर्णन किया है और प्रमुख रूप से चार बातों की ओर ध्यान आकर्षित किया है|
धनखड़ ने कहा,पश्चिम बंगाल में पिछले 10 साल में दल-बदल कानून के तहत कोई कारगर कार्रवाई नहीं हुई। तिलजला और चंदन नगर की घटनाएं, दो सांसदों, विधायकों के साथ क्या हुआ? ये अराजकता है!
नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में सीबीआई द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार के 2 मंत्रियों समेत तृणमूल कांग्रेस के चार नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में CBI दफ़्तर पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी पर धनखड़ ने कहा,17 मई के दिन भारत का संविधान कलंकित हुआ|मेरा सिर उस दिन शर्म से झुक गया|
राज्यपाल धनखड़ ने कहा,17 मई के दिन भारत का संविधान कलंकित हुआ, मेगा करप्शन के अंदर जिन 4 लोगों को गिरफ़्तार किया गया, CBI उन्हें अपने दफ़्तर ले गई। मुख्यमंत्री वहां 6 घंटे तक रहीं, वहां उन्होंने कहा कि उन्हें छोड़ो वरना मुझे गिरफ़्तार करो। मेरा सिर उस दिन शर्म से झुक गया|
पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुवेंदू अधिकारी ने कहा, तोड़ना-जोड़ना तृणमूल की गंदी राजनीति है, ये पिछले 10 साल से कर रही थी किसी ने विरोध नहीं किया। इस बार विरोध हो रहा है। दल-बदल कानून के अंदर काम होगा, जो जाना चाहता है विधायक पद से इस्तीफा देकर जाए| मुकुल रॉय के अपने विधायक पद से इस्तीफा नहीं देने पर अधिकारी ने कहा,'मैं 24 घंटे में स्पीकर के पास पत्र भेजूंगा, 15 दिन इंतजार करूंगा उसके बाद तो हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट है|