बलिया: Agneepath Scheme Protest: अग्निपथ योजना के खिलाफ उत्तर प्रदेश के बलिया में हुए बवाल के बाद जिला प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है| अग्निपथ योजना के खिलाफ हुए बवाल के बाद आज देर शाम बलिया डीएम ने अगले दो माह तक जनपद में धारा 144 लागू कर दी है| इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी कर दिया है| डीएम ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को इस आदेश का प्रचार प्रसार कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा है कि इस अवधि में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर पांच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एकत्रित नहीं होंगे और न ही कोई धरना प्रदर्शन करेंगे।
कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, डण्डा, चाक, भाला, फरसा, बन्दूक, राइफल रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा ।कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान, मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व काँच के टुकड़े तथा विस्फोटक आदि एकत्र नहीं करेगें और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।
जिलाधिकारी ने अपने आदेश में कहा है,'' ,''जुमे की नमाज के पश्चात् विभिन्न स्थानों में हुई हिंसक घटनाओं, "अग्निपथ' योजना के तहत अग्निवीरों की भर्ती के विरुद्ध युवाओं द्वारा किये जा रहे विरोध प्रदर्शन तथा आगामी त्यौहार ईदुल्जुहा(बकरीद) व मोहर्रम को दृष्टिगत रखते हुये शान्ति भंग की सम्भावनाएं है। नागरिक सुरक्षा, सार्वजनिक शान्ति व्यवस्था तथा जनजीवन को सामान्य बनाये रखने, मानव जीवन को स्वस्थ एवं खतरों से निवारण करने, बलवा अथवा किसी अन्य दंगों के निवारण को रोकने के लिए निरोधात्मक उपाय किये जाने की आवश्यकता है। चूँकि इतना समय नहीं है कि उन पर नोटिस की तामीली की जा सके। अतः यह आदेश एक पहलीय पारित किया जा रहा है।
बलिया जिलाधिकारी ने कहा है,'''अतः मैं जनपद की शान्ति भंग की सम्भावना से पूर्णतः सन्तुष्ट होते हुए दण्ड प्रकिया संहिता की धारा-144 के अन्तर्गत दिनांक 17.06.2022 से आगामी दो माह तक की अवधि के लिए निम्न आदेश पारित करती।
1- जनपद बलिया सीमा के अन्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होगे और न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई धरना प्रदर्शन करेगा और न ही कोई ऐसी अफवाह फैलायेगे जिससे शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। विशेष परिस्थितियों में जुलूस आदि के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा। यह प्रतिबन्ध परम्परागत, सामाजिक या धार्मिक संस्कारों एवं रीति-रिवाज तथा जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा।
2-कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, डण्डा, चाक, भाला, फरसा, बन्दूक, राइफल रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार का विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा। यह प्रतिवन्ध सिक्खों द्वारा परम्परागत रूप से धारण होने वाले कृपाण तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। बूढे, बीमार, विकलांग, अपंग तथा अन्य व्यक्ति सहारे के लिए लाठी, डण्डे अथवा छड़ी का प्रयोग
कर सकते है।
3-कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान, मन्दिर, मस्जिद, गुरुद्वारा, चर्च, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व काँच के टुकड़े तथा विस्फोटक आदि एकत्र नहीं करेगें और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।
4-कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कटआउट आदि न तो लगायेगा और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा ।
5-कोई भी व्यक्ति ऐसी अफवाह अथवा ऐसा नारा नहीं लगायेगा और न ही ऐसा पर्चा छापेगा और न बटवायेगा जिससे किसी वर्ग विशेष की भावना को ठेस पहुचे और नऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।
6-कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के सार्वजनिक संचार साधन तथा मार्ग पर अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा।
7-कोई भी व्यक्ति सड़क, जल मार्ग, रेलमार्ग, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि का घेराव नहीं करेगा, न ही यातायात के आवागमन में अथवा किसी प्रकार के सार्वजनिक संचार आदि व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न करेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा न तो प्रोत्साहित करेगा।
8-कोई भी व्यक्ति मार्केट, दुकान प्रतिष्ठान, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि को न बन्द कराएगा न ही किसी सरकारी सम्पत्ति की क्षति, तोड़ फोड़ आदि करेगा न ही किसी प्रकार का पुतला जलायेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा न ही प्रोत्साहित करेगा।
9-कोई भी व्यक्ति ऐसा भाषण या नारा नहीं लगाएगा, न ही इस प्रकार का प्रचार प्रसार करेगा जिससे कि जनभावनाओं को ठेस पहुंचे, लोक शांति व्यवस्था प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की संभावना हो, न ही कोई व्यक्ति किसी को इस हेतु उकसाएगा अथवा
प्रोत्साहित करेगा।
10-कोई भी व्यक्ति नई परम्परा अथवा गैर परम्परागत कार्य/कार्यक्रम नहीं करेगा। न ही कोई व्यक्ति किसी व्यक्ति को इस हेतु उकसाएगा अथवा प्रोत्साहित करेगा।
11-कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार के आग्नेयास्त्र को किसी प्रकार के आयोजित होने वाले समारोह में उपयोग नहीं करेगा।
12- कोई भी व्यक्ति ध्वनि विस्तारक यन्त्रों द्वारा ऐसा प्रचार नहीं करेगा और न ही ऐसा भाषण देगा और न ही ऐसा कैसेट बजायेगा, जिससे किसी वर्ग विशेष या व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहचे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेंगा।
उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दण्ड विधान की धारा 188 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध होगा। इस आदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार सम्बंधित थाना क्षेत्रों में डुग्गी पिटवाकर तथा लाउड स्पीकर से कराया जाय। आदेश की प्रति कार्यालय नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराकर समाचार पत्रों में प्रकाशित कराकर व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाय। यह आदेश आज दिनांक 17.06.2022 को मेरे हस्ताक्षर एवं न्यायालय की मुहर लगाकर जारी किया गया।