बलरामपुर: उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) आज, 24 अगस्त 2021 को पहली प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) 2021 का आयोजन राज्य भर में निर्धारित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर करने जा रहा है। उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में PET का एक परीक्षा केंद्र.. जहा लबालब भरा हुआ है पानी...रास्ते से लेकर स्कूल का पूरा परिसर जलमग्न है..अब सवाल ये है कि की आखिर परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र तक कैसे पहुंचें...देंगे परीक्षा..?
प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET 2021) का आयोजन 24 अगस्त 2021 को किया जा रहा है। है। राज्य के सभी जिलों में निर्धारित केंद्रों पर परीक्षा दो शिफ्टों में आयोजित जा रही ही। पहले शिफ्ट की परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरे शिफ्ट की परीक्षा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में आज आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा पीईटी में परीक्षार्थियों को बाढ़ के दौरान जान जोखिम में डालकर परीक्षा देना पड़ रहा है।
कई सेंटर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में है स्थित:
बलरामपुर जिले में कई सेंटर भी है, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में बनाए गए हैं। इन परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों को जान जोखिम में डाल कर पहुँचना पड़ रहा है। जिला मुख्यालय स्थित सेंट जेवियर्स हायर सेकेंडरी स्कूल को PET के परीक्षा केंद्र बनाया गया है। लेकिन परीक्षा केंद्र तक परीक्षार्थियों को पहुंचने के लिए काफी मशक्कत करना पड़ रहा है। कुबेर मति मेमोरियल इंटर कॉलेज श्रीदत्तगंज ने भी परीक्षार्थियों को पहुंचने के लिए गाठ भर बाढ़ के पानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसके अतिरिक्त बलरामपुर नगर में स्थित एमएलकेपीजी कॉलेज में भी भारी जलभराव है। परीक्षार्थियों को परीक्षा कब तक पहुंचने के लिए जलभराव का सामना करना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय पर स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल से पहले बने डिप पर तीन से चार फिट पानी बह रहा है और इसी डिप से निकलकर परीक्षा केंद्र तक परीक्षार्थी पहुँचने को मजबूर है। डिप पर खतरा इतना है कि थोड़ी सी चूक डिप पर करने वालो के जान पर भारी पड़ सकती है। इस डिप पर बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन के द्वारा कोई इंतजाम नही किया गया है।
परीक्षा केंद्रों पर है भारी समस्या:
परीक्षा केंद्रों पर है भारी समस्या नौकरी पाने के लिए परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों ने कहा कि परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। परीक्षा केंद्र तक पहुँचने के लिए इस डिप पर बह रहे पानी के तेज बहाव को पार करना पड़ रहा है। जोकि काफी खतरे से भरा है। जिला प्रशासन को केंद्र बनाने से पहले इस ओर ध्यान देना चाहिए था।
परीक्षा केंद्र पर जाते अभ्यार्थी