बलरामपुर: जनपद बलरामपुर के अंतर्गत सदर विकासखंड के ग्रामपंचायत खजुरिया में गांव के पश्चिम ओर बह रहे नाले में जब जलस्तर उफान पर आया तो पानी के बहाव ने बंधे को काटकर अपना रास्ता गांव की ओर कर लिया जिससे आस पास के खेत तालाब में बदल गए और सड़क कटने लगा तथा कई एकड़ खेत जलमग्न हो गए| अभी हाल ही में जब कुछ किशोर पानी को पार कर अपने खेत को जा रहे थे तभी खेत मे पानी अत्यधिक आ जाने से वो डूबने लगे पुकार और चिल्लाने पर अन्य ग्रामीणों की मदद से उन बच्चों को बचाया गया तथा ग्रामीणों को हरा चारा लाने तथा अपने खेतों में काम करने हेतु मजबूरन इसी पानी मे होकर निकलना पड़ता था जिससे जान का खतरा बना हुआ था तथा कई एकड़ फसल डूबने से बर्बाद हो गए।
प्रशासन को सूचित करने के बाद भी जब मौके पर जांच करने एवं सुधि लेने कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि नही पहुंचा तब ग्रामीणों ने मिलकर स्वयं ही प्रधानमंत्री मोदी के अभियान को आगे बढ़ाकर आत्मनिर्भरता की मिशाल पेश करते हुए आपस मे आर्थिक सहयोग तथा मदद से बांस बल्ली को दोनों छोर पर मजबूती से बांध दिया तथा लगभग तीन हजार बोरियों में मिट्टी भरकर पानी मे डालकर बांध बनाने लगे|
गांव के ही राम उग्गर यादव ने बताया कि बांध कटने से ग्रामीणों को जान-माल एवं फसल के साथ साथ गांव की ओर पानी मुड़ने से जब जलस्तर बढ़ जाएगा तब स्थिति बहुत भयावह हो जाएगी एवं कई मुख्य मार्ग भी कटान में चले जायेंगे और समाजसेवी सुनील शुक्ला ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों के स्थिति और परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन को कटान रोधी विकल्पों का प्रयोग कर पानी बहाव का रास्ता सीधा करना चाहिए तथा बांध का निरीक्षण कर ग्रामीणों द्वारा बनाये बांध को और मजबूती से बनाना होगा।
गांव के ही राघव सरन सोनी, अखिलेश पांडेय, उमानाथ पांडेय, प्रताप नारायण पांडेय, चिंकान यादव, राममिलन यादव, हजारी प्रसाद,बंशी,फूलचंद यादव,हृदय राम, अयोध्या विश्वकर्मा , कृष्ण मोहन तिवारी, संतोष यादव, सदानंद तिवारी, सुनील यादव जंगली कश्यप, अनिल मिश्रा,संतोष सिंह आदि ने मिलकर अस्थाई बांध बनाया है तथा प्रशासन से स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है।
रिपोर्ट-सुरेश त्रिपाठी