बाराबंकी: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के गांव में वैक्सीन लगाने आए डॉक्टरों को देखकर टीकाकरण से मौत के डर से कुछ लोगों ने नदी में छलांग लगा दी। जिले के रामनगर के सिसौड़ा गांव में वैक्सीन लगाने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को देख कर लोग डर गए और उन्हें वैक्सीन न लगवानी पड़े इस वजह से सरयू जैसी बड़ी नदी में छलांग लगा दी|
यह नजारा देख कर स्वास्थ्य विभाग की टीम के हाथपांव फूल गए और वे ग्रामीणों से बाहर आने का अनुरोध करने लगे, लेकिन ग्रामीण नहींं माने तब उपजिलाधिकारी के समझाने के बाद ग्रामीण नदी से बाहर आये और वैक्सीन लगवाई| 1500 की आबादी वाले इस गांव में मात्र 14 लोग ही वैक्सीन लगवाने की हिम्मत जुटा सके|
एक ग्रामीण ने बताया,'', "कुछ लोगों को यह गलतफहमी थी कि वे मर जाएंगे। लेकिन हमने उन्हें समझा दिया कि इससे बीमारी ठीक हो जाएगी।"
सोमवार को बाराबंकी के ज़िलाधिकारी ने बताया, ''हमें पता चला कि लोगों ने टीका नहीं लगवाने के कारण नदी में छलांग लगाई। सभी लोग भ्रांतियों से बचे। टीका सुरक्षित है। लोग टीका अवश्य लगाएं।''
बाराबंकी के एक गांव में लोगों के नदी में कूदने के दृश्य मेरे सामने आए क्योंकि वे टीका नहीं लेना चाहते थे। हालांकि, पिछले 4-5 दिनों से लगभग 4,000 वैक्सीन शॉट्स लग???ए गए हैं। मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे गलतफहमियों का शिकार न हों क्योंकि टीका सुरक्षित है
रविवार को तहसील रामनगर के तराई के एक गांव सिसौड़ा में ग्रामीणों को वैक्सीन लगवाने स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची थी| स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा गांव में टीकाकरण कराने की सूचना मात्र से ही ग्रामीण डर गए और वह गांव के बाहर बह रही सरयू नदी के किनारे आकर बैठ गए| स्वास्थ्य विभाग की टीम को जब यह सूचना मिली कि ग्रामीण नदी की तरफ है तो वे उन्हें समझाने चल दिये| अपनी तरफ टीम को आता देख कर ग्रामीण इतने भयभीत हो गए कि उन्हें भागने का रास्ता नहीं सूझा और वे टीम से बचने के लिए सरयू नदी में कूद पड़े|

छलांग लगाते समय ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह भी नहीं की| ग्रामीणों को नदी में छलांग मारता देख स्वास्थ्य विभाग की टीम के हाथ पैर फूल गए और ग्रामीणों से बाहर आने का अनुरोध करने लगे| मगर ग्रामीण बाहर निकलने को तैयार नहीं थे|
उपजिलाधिकारी ( रामनगर ) राजीव शुक्ल और नोडल अधिकारी राहुल त्रिपाठी के समझाने के बाद ग्रामीण नदी से बाहर आये| उपजिलाधिकारी ने ग्रामीणों के अन्दर व्याप्त डर और भ्रांतियों को दूर कर उन्हें वैक्सीन लगवाने के लिए राजी किया, तब जाकर एक के बाद एक कुल 14 लोगों ने वैक्सीन लगवाई| इस गांव की आबादी की बात करें तो 1500 लोग यहां निवास करते हैं|