जिले के दर्जनों से ऊपर जुआ के अड्डे ऐसे है जो जगह बदल बदल कर कर रहे है जुआ का कारोबार।
बस्ती जिले के मरवटिया गांव मे, घरसोहिया और शुगर मिल के पास एक बगीचे मे अड्डा बदल बदल कर होता है कार्य।
परसा जाफर खाजौला चौकी के सामने हॉस्पिटल के पीछे, सबदहिया कला गांव मे, जामडीह शुक्ल गांव मे एक बाउंड्री वॉल मे होटल रिलेक्सो के सामने है बाउंड्री मे होता है जुआ का कारोबार।
महिला अस्पताल के पीछे, सिंघल गैस एजेंसी के पीछे पाण्डेय बाजार मे, मड़वा नगर चौकी सेंट बेसिल स्कूल के पीछे एक तालाब पर होता है जुआ।
बड़ेवन के पास के समीप,प्रिंस गार्डन होटल के बगल एक बंद कमरे मे, सोनुपार के बगल ग्राम भैंसहिया मे होता है जुआ का कारोबारी।
पुराने पंकज टाकीज के पीछे, खटीक टोला, ग्राम डीलिया, डंबलजोत मे एक बगीचे मे होता है जुआ का कारोबार।
मनौरी चौकी के बगल देशी शराब बियर की दुकान के बगल मुर्गी फार्म के बगल होता है जुआ का कारोबार।
रगड़गंज मे कब्रिस्तान के पास, कंपनी बैंक गुड़िया तोले में एक बंद कमरे में, देवराव नदी के बगल में, मननडीह मे चलता है जुआ का कारोबार।
चगेरवा पार्क के पास, स्टेशन गेट नंबर दो के बगल चाई टोला मे एक बाउंडी के अंदर, बर्कुइया, कड़ही बाटेला, जामौरा मे चलता है जुआ।
पाण्डेय स्कूल के पीछे, चिकवा टोला, माली टोला, पालिटेक्निक स्कूल के बगल एक राइस मिल के पीछे होता है कारोबार।
गौरा धामौरा माहुडर के एक देशी शराब की दुकान की भट्टी की दुकान के पीछे होता है जुआ का कारोबार।
छोटी बक्सई, औशापुर, छोटा बढ़या के एक बगीचे मे चलता है जुआ का कारोबार।
सोनहा देशी भट्टी के पीछे एक आम के बगीचे में दिन में 2:00 बजे से, असनहरा चौकी के सरकारी टायबूल के बगल एक बगीचे में थाना सोनहा के बगल 1 किलोमीटर दूर बगीचे में आम के बगीचे में चलता है जुआ का कारोबार।
शिवाय होटल के पीछे एक कब्रिस्तान के बगल, कुसमौर देसी भट्टी के पीछे, राजा मैदान मे, भुवर निरंजनपुर एक मंदिर के बगल, देवराव नदी के बगल होता है जुआ का कारोबार।
काशीराम आवास के बगल बगीचे मे, आर्य कन्या स्कूल के पीछे बाउंड्री वाल के अंदर, टीबी हॉस्पिटल के पास एक बगीचे मे, देवरिया मंदिर के पास होता है जुआ का कारोबार।
जगनन्नाथपुर के सते गांव मे होता है जुआ का कारोबार।
थाना नगर के कुसौरा और कलवारी थाना के बॉर्डर पर एक पंडित अपने घर मे करवाता है जुआ।
इन जुआरियो की पुलिस को भी नहीं होती है भनक।
V पंडित हर पट्टे पर लेता है 10 परसेंट।
V पंडित की प्रतिदिन की कमाई है होती है करीब 35-40 हज़ार रूपये।
दूर दराज पर जुआ कारोबारी खड़ी करते हैं गाडियां।
रेकी के नाम पर सड़क पर लगे रहते हैं मुखबिर।
पुलिस से आने और मीडिया तक के आने की पल-पल की देते हैं मुखबिर जुआ कारोबारी को सूचना।
इसलिए पुलिस भी जुआ कारोबारीयों पर नहीं कर पाती है कोई कार्यवाही।
जब तक जुआ कारोबारी का मुखबिर तंत्र नहीं होगा फेल, पुलिस नहीं नहीं कर पायेगी कोई कार्यवाही।जुआ कारोबार से कारोबारी हो रहे मालामाल,घर हो रहे कंगाल।