मुख्य सामग्री पर जाएँ
26 अगस्त 2026

बस्ती न्यूज़ : धुंधकारी व गौकर्ण की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता

बस्ती। प्रहलाद कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित देवस्य मिश्र जी महाराज ने गौकर्ण और धुंधकारी की कथा का रसपान कराया। कथावाचक ने कथा में बताया कि तुंगभद्रा नदी के तट पर आत्…

बस्ती न्यूज़ : धुंधकारी व गौकर्ण की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता
बस्ती न्यूज़ : धुंधकारी व गौकर्ण की कथा सुन भावविभोर हुए श्रोता — बस्ती, उत्तर प्रदेश | फ़ोटो: TVL News

बस्ती। प्रहलाद कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक पंडित देवस्य मिश्र जी महाराज ने गौकर्ण और धुंधकारी की कथा का रसपान कराया। कथावाचक ने कथा में बताया कि तुंगभद्रा नदी के तट पर आत्मदेव नामक एक व्यक्ति रहता था। उसकी पत्नी का नाम धुंधुली था। वह झगड़ालू किस्म की थी। संतान न होने के कारण पति परेशान रहता था। बुढ़ापे में संतान का मुख देखने को नहीं मिलेगा तो पिंडदान कौन करेगा।


कथावाचक ने आगे बताया कि वह आत्मदेव दुखी मन से आत्महत्या के लिए कुआं में कूदने वाला था तभी एक ऋषि ने उसे बचा लिया। ऋषि ने पूछा क्यों आत्महत्या करने जा रहे हो। इसके बाद ऋषि की बात को सुनकर आत्मदेव ने कहा ऋषिवर मेरे एक भी संतान नहीं है। इसके अलावा मैंने गाय पाल रखी है। गाय के भी संतान नहीं है। इस कारण आत्महत्या करने का कदम उठाया। यह सुनकर ऋषि ने अपने थैले से फल निकालकर कहा कि तुम यह फल अपनी पत्नी को खिला देना, इससे एक संतान की प्राप्ति होगी।


घर जाकर आत्मदेव ने फल अपनी पत्नी को दिया, लेकिन पत्नी ने सोचा कि अगर गर्भवती वो गई तो 9 महीने तक कहीं आने-जाने का मौका नहीं मिलेगा। अंतत: उसने फल को नहीं खाया। एक दिन उसकी बहन घर आई। उसने सभी किस्सा बहन को सुनाया। बहन ने कहा मैं गर्भवती हूं। प्रसव होने पर बच्चा तुम्हें दे दूंगी। तुम ये फल गाय को खिला दो। आत्मदेव की पत्नी ने अपनी बहन की बात में आकर फल गाय को खिला दिया। कुछ दिन के बाद धुंधुली को उसकी बहन ने बच्चा दे दिया। इसके बाद संतान को देखकर आत्मदेव बड़ा खुश हुआ। बच्चे का नाम एक विद्वान पंडित ने धुंधकारी रख दिया। इसके बाद गाय ने भी एक बच्चे को जन्म दिया जो मनुष्याकार था पर उसके कान गाय के समान थे। उसका नाम गोकर्ण रख दिया। पंडित देवस्य मिश्र ने आगे बताया कि गोकर्ण और धुंधकारी दोनों गुरुकुल गए। गुरुकुल में अपना कार्य खुद करना पड़ता है। इस बीच धुंधकारी नशेड़ी, चोर निकल गया। एक दिन उसने अपनी माता को मार डाला। पिता व्यथित होकर वन चले गए। धुंधकारी वेश्याओं के साथ रहने लगा। वेश्याओं ने एक दिन धुंधकारी को मार डाला। मरने के बाद धुंधकारी भूत-प्रेत बन गया। धुंधकारी का भाई अपने घर में सोया रहता था, तभी प्रेत धुंधकारी ने आवाज लगाई कि भाई मुझे इस योनि से छुड़ाओ। गौकर्ण त्रिकाल संध्या की पूजा करते थे। तभी सूर्यनारायण भगवान से पूछते हैं कि इसके लिए क्या उपाय करना पड़ेगा। सूर्यनारायण ने कहा कि तुम सात गांठ बांस मंगाओ और भागवत का आयोजन करो। हर दिन बांस की गांठ धीरे-धीरे फट जाती है, जो सात दिन फटती है। तब पवित्र होकर धुंधकारी एक दिव्य रूप धारण करके सामने खड़ा हो जाता है। इसके साथ ही उन्होंने नारद चरित्र व कलयुग के  आगमन की कथा भी सुनाई।


कथा के दौरान श्री श्याम नारायण पाल, श्रीमती लालमति पाल, सौरभ पाल, सुधा, सुनीता, नेहा, पिंकी, बृंदा,पंडित हर्षित शुक्ला, पंडित अनुराग मिश्रा, प्रदीप,धर्मेंद्र पाल सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।


tvlnews

TVL News (TheViralLines) के संवाददाता। यह रिपोर्ट स्थानीय स्रोतों और उपलब्ध आधिकारिक जानकारी की पुष्टि के बाद प्रकाशित की गई है। किसी तथ्य में सुधार के लिए संपर्क करें या +91 99996 56869 पर WhatsApp करें।

मुफ़्त अलर्ट

ऐसी हर खबर सबसे पहले पाएँ

बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अपडेट सीधे आपके WhatsApp पर।

इन्हें भी पढ़ें

टॉप न्यूज़ की सभी खबरें

इस खबर से जुड़े सवाल

यह खबर कब प्रकाशित हुई और आखिरी बार कब अपडेट की गई?

यह रिपोर्ट 18 अप्रैल 2025 को TVL News पर प्रकाशित हुई और 10 मई 2025 को अपडेट की गई। नई जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जाता है।

बस्ती की और खबरें कहाँ पढ़ें?

बस्ती की ताज़ा खबरें TVL News के ज़िला सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं। thevirallines.net पर बस्ती, गोंडा, अयोध्या, गोरखपुर और लखनऊ के अलग-अलग पेज हर दिन अपडेट होते हैं।

इस खबर में कोई तथ्य ग़लत लगे तो क्या करें?

TVL News हर सुधार को गंभीरता से लेता है। +91 99996 56869 पर WhatsApp करें या thevirallines@gmail.com पर लिखें — पुष्टि के बाद खबर तुरंत सुधारी जाती है।